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    वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विस्तार को मिली पर्यावरण मंजूरी, ज्यादा कूड़े का होगा निस्तारण

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 11:44 PM (GMT+05:30)

    तेहखंड वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विस्तार को पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है, जिससे प्रतिदिन 3000 टन कचरा निस्तारित होगा और बिजली उत्पादन 45 मेगा ...और पढ़ें

    तेहखंड में स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विस्तार को मंजूरी मिल गई है।

    तेहखंड में स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। 

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पर्यावरणविदों और स्थानीय लोगों की चिंता के बीच तेहखंड में स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट के विस्तार को मंजूरी मिल गई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी दी है।

    इस विस्तार के बाद यहां मशीनरी स्थापित होने से प्रतिदिन तीन हजार टन कचरा निस्तारित हो सकेगा। जबकि अभी सिर्फ दो हजार टन ही निस्तारित हो रहा है। साथ ही 25 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़कर 45 मेगावाट प्रतिदिन हो जाएगी। इस विस्तार के साथ एक गीले कचरे से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) बनाने के लिए संयंत्र भी स्थापित होगा।

    एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया दिल्ली में कचरा निस्तारण की क्षमता 8800 टन प्रतिदिन किया जाना है। इसके तहत ही यह विस्तार किया जा रहा है। इससे पास में ओखला लैंडफिल पर आने वाले नए कचरे के निस्तारण में मदद मिलेगी। साथ ही नई लैंडफिल न बने इसमें भी योगदान होगा इसके तहत 1,753.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    फिलहाल नरेला, ओखला,बवाना और तेहखंड वेस्ट टू एनर्जी प्लांट व खाद बनाने से 7841 टन कचरा निस्तारित होता है। जबकि पांच हजार टन लैंडफिलों पर डाला जाता है।

    चार स्कूल एक किलोमीटर के दायरे में

    मिली मंजूरी रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित विस्तार की जगह रेलवे कॉलोनी से 410 मीटर, एमसीडी स्कूल से 490 तो प्रेम नगर से 480 मीटर दूरी पर स्थित है। चार स्कूल एक किलोमीटर के दायरे में है। एमसीडी में निर्माण समिति के चेयरमैन रहे सरकार कूड़ा निस्तारण की योजना तो बनाती है लेकिन जो मानक है उनका पालन नहीं होता है।

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    यहां पर अक्सर सुखदेव विहार के लोगों को इस प्लांट से परेशानी होती है। क्योंकि यहां पर प्लांट का धुंआ आता है। जबकि जो राख वेस्ट टू एनर्जी प्लांट से निकलती है वह भी इधर-उधर उड़ती है। जिसकी वजह से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खासा असर पड़ता है।

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