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    E-20 फ्यूल पॉलिसी के विरोध में पैदल मार्च से पहले तहसीन पूनावाला हाउस अरेस्ट? दिल्ली पुलिस ने घर पर डाला डेरा

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 04:45 PM (GMT+05:30)

    Tehseen Poonawala House Arrest: ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ प्रस्तावित एकल मार्च और भूख हड़ताल से पहले तहसीन पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने घर में नजरबंद कर ...और पढ़ें

    तहसीन पूनावाला के घर पहुंची दिल्ली पुलिस। वीडियो ग्रैब

    तहसीन पूनावाला के घर पहुंची दिल्ली पुलिस। वीडियो ग्रैब

    HighLights

    1. तहसीन पूनावाला ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ मार्च कर रहे थे।

    2. दिल्ली पुलिस ने बिना आदेश पूनावाला को घर में नजरबंद किया।

    3. पूनावाला ने उपभोक्ताओं को ईंधन विकल्प देने की मांग की।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजनीतिक विश्लेषक व सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ उनके प्रस्तावित एकल मार्च और भूख हड़ताल से पहले दिल्ली पुलिस ने ग्रेटर कैलाश में उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के घर में नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया है। पूनावाला ने 27 जुलाई को घोषणा की थी कि वे एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग से 30 जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति (जहां महात्मा गांधी की हत्या हुई थी) तक अकेले पैदल चलेंगे और शुक्रवार को दिन भर की भूख हड़ताल रखेंगे।

    पुलिस ने नहीं दिखाए दस्तावेज

    अपने एक्स अकाउंट पर कई वीडियो शेयर करते हुए पूनावाला ने दावा किया था कि सुबह करीब 9:30 बजे, मार्च के लिए निकलने से लगभग आधा घंटा पहले दिल्ली पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे, पुलिस टीम में महिला अधिकारी भी मौजूद थीं। आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने तहसीन को घर से बाहर निकलने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने न तो कोई आदेश दिखाया और न ही हिरासत में लेने के कोई दस्तावेज दिए।

    पुलिस ने तहसीन को क्या जवाब दिया?

    पूनावाला ने आगे आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें बताया कि वे इसलिए बाहर नहीं जाने दे रहे क्योंकि मार्च में हजारों लोग शामिल होने वाले थे। एक वीडियो में पूनावाला एक पुलिस अधिकारी से पूछते सुनाई देते हैं कि बिना लिखित आदेश के उन्हें कैसे हिरासत में लिया जा सकता है। उन्होंने अधिकारी से कहा, 'कोई कागज नहीं, कुछ नहीं। मैं हाउस अरेस्ट में हूं...स्वतंत्रता दिवस के 15 दिन पहले आप मुझे डिटेन कर रहे हैं।' पुलिस अधिकारी ने जवाब दिया कि प्रस्तावित मार्च से कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी और पूनावाला से सहयोग करने को कहा गया है।

    इंस्टाग्राम अकाउंट भी सस्पेंड कर दिया

    एक्स पर एक पोस्ट में पूनावाला ने आरोप लगाया कि उनके फ्लैट के बाहर मौजूद पत्रकारों ने उन्हें बताया कि घर के पास जैमर लगाए जाने के कारण उन्हें इंटरनेट नहीं मिल पा रहा था। कार्यकर्ता ने शुक्रवार को एकल मार्च की घोषणा तब की जब पुलिस ने कथित तौर पर 31 जुलाई को संसद के लिए उनकी प्रस्तावित टीम भारत 'गाड़ी मार्च' की अनुमति अस्वीकार कर दी थी। उन्होंने एक्स पर यह भी कहा कि उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था, जो कुछ घंटों बाद बहाल हो गया।

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    क्या घोषणा की थी तहसीन पूनावाला ने?

    उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें मीडिया से बात करने से रोका और धमकी दी कि विरोध में शामिल होने वाले नागरिकों को गिरफ्तार किया जा सकता है और उनके वाहन जब्त किए जा सकते हैं। मार्च की घोषणा करते हुए पूनावाला ने कहा था, 'अकेले चलना और चुपचाप अकेले बैठना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। मैं बापू की हत्या वाले स्थान पर मौन व्रत रखकर दिन भर की भूख हड़ताल रखूंगा।'

    अब तक ई-20 फ्यूल पॉलिसी पर क्या बोले?

    पूनावाला ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की आलोचना कर चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि उपभोक्ताओं को ई-5 और ई-10 ईंधन मिश्रण के साथ पारंपरिक पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी दिया जाए, न कि केवल ई-20 ईंधन इस्तेमाल करने के लिए मजबूर किया जाए।

    उनके अभियान समूह टीम भारत की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि पेट्रोल पंप 100 प्रतिशत पेट्रोल, ई-5 और ई-10 ईंधन बेचना जारी रखें, ताकि मोटरिस्ट अपने वाहनों के लिए सबसे उपयुक्त ईंधन चुन सकें।

    केंद्र द्वारा ई-20 पेट्रोल (20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण) के रोलआउट की कुछ विपक्षी नेताओं और उपभोक्ता समूहों ने आलोचना की है। कई पुराने वाहनों के मालिकों का दावा है कि इससे ईंधन की दक्षता कम होती है और रखरखाव की लागत बढ़ जाती है।

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