शालीमार गांव में अब लोग खुद तोड़ने लगे अवैध निर्माण, सुप्रीम कोर्ट से याचिका हो चुकी है खारिज
शालीमार गांव में राजस्व विभाग के नोटिस और सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद लोगों ने खुद ही ...और पढ़ें
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शालीमार गांव में लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया है।
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध निर्माण हटाने की याचिका खारिज की।
शालीमार गांव के लोग स्वयं अपने घर तोड़ रहे हैं।
राजस्व विभाग ने 150 घरों को खाली करने का नोटिस दिया।
संवाद सहयोगी, बाहरी दिल्ली। शालीमार गांव में राजस्व विभाग के भवन खाली करने के नोटिस से एक दिन पहले शुक्रवार को लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण तोड़ने आरंभ कर दिए हैं। अन्यत्र जाने के लिए कुछ लोग अपना सामान समेटते नजर आए।
इस साल जनवरी महीने में राजस्व विभाग ने शालीमार गांव के मैक्स अस्पताल रोड के पास बने लगभग 150 घरों को अवैध बताते हुए 30 मई तक जगह खाली करने काे कहा था।
लोगों ने नोटिस को गलत बताते हुए पहले हाई कोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। घर बचाओ समिति के संयोजक मुकेश कुमार पासवान ने बताया कि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय हमारी याचिक खारिज कर दी गई। न्यायालय से लोगों को उम्मीद थी, लेकिन वह भी खत्म हो चुकी है। इसलिए लोग यहां से घर छोड़कर जा रहे है।
शिफ्टिंग और खुद ही अवैध निर्माण हटाते नजर आए
आज सुबह से कुछ लोगों को शिफ्टिंग और खुद ही अवैध निर्माण हटाते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि सप्ताहभर से अवैध निर्माण तोड़ने और शिफ्टिंग चल रही है। अब तक 30-40 परिवार अपना सामान लेकर दूसरे क्षेत्रों में चले गए। जबकि बाकी के लोगों को जल्द ही घरों का खाली करना है।
कुछ लोग मकान में लगे खिड़कियां व दरवाजे सहित अन्य सामान निकालने में जुटे रहे। स्थानीय निवासी ज्योति ने बताया कि मैं 15 वर्ष से अपने बच्चों और पति के साथ रह रही थी। अब घर छोड़कर जाना पड़ रहा। स्थानीय निवासी मुकेश ने बताया कि सामान लेकर इब्राहिमपुर में किराए के मकान में जा रहा हूं।
