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दिल्ली में सरकारी गाड़ियों का PUCC गायब, जनता के कट रहे 10-10 हजार के चालान; RTI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Published: Wed, 26 Aug 2026 11:18 PM (IST)

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर आम वाहन चालकों पर सख्ती के बीच सरकारी वाहनों में वैध पीयूसीसी न ...और पढ़ें

सरकारी गाड़ियों का पीसीसी ही नहीं है। फोटो: एआई जनरेटेड

सरकारी गाड़ियों का पीसीसी ही नहीं है। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. 108 में से 38 सरकारी वाहनों में पीयूसीसी नहीं मिला

  2. वर्ष 2025 में 60 सरकारी गाड़ियों के चालान काटे गए थे

  3. नियमों में सरकारी वाहनों को कोई छूट नहीं होनी चाहिए

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर आम वाहन चालकों पर सख्ती और बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) के वाहन चलाने पर भारी चालान की कार्रवाई के बीच सरकारी वाहनों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जिन सरकारी वाहनों से नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी जुड़ी है, उनमें ही पीयूसीसी नहीं होने के मामले सामने आए हैं। आरटीआई और परिवहन विभाग की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, गत जून-जुलाई में 108 सरकारी वाहनों की जांच में 38 वाहनों का पीयूसीसी रिकॉर्ड नहीं मिला।

26 अप्रैल के सर्कुलर के बाद भी सामने आई लापरवाही

दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी वाहनों के लिए पीयूसीसी अनिवार्य करते हुए गत सात अप्रैल को सर्कुलर जारी किया था। यह सर्कुलर दिल्ली सरकार के सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों, सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा स्वायत्त निकायों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों को भेजा गया था।

सर्कुलर में स्पष्ट किया गया था कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों और अधीनस्थ संस्थाओं में इस्तेमाल होने वाले सरकारी और किराये के वाहनों के लिए वैध पीयूसीसी अनिवार्य है।

बिना वैध पीयूसीसी वाले किसी भी वाहन को सरकारी ड्यूटी पर तैनात नहीं करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद 108 सरकारी वाहनों में 38 का पीयूसीसी रिकॉर्ड नहीं मिलना नियमों के पालन पर सवाल खड़े करता है।

2025 में 60 सरकारी वाहनों के कटे थे चालान

सरकारी वाहनों के पीयूसीसी को लेकर एक और गंभीर आंकड़ा सामने आया है। गत अप्रैल में परिवहन विभाग की ओर से जारी एक सरकारी पत्र में बताया गया कि वर्ष 2025 में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के 60 वाहनों के चालान वैध पीयूसीसी नहीं होने के कारण काटे गए थे। इनमें तीन आयुक्त, तीन जिलाधिकारी (डीएम), दो अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) और आठ एसडीएम की कारें शामिल थीं।

जिन वाहनों से जनता के चालान, उन्हीं पर सवाल

सूत्रों के अनुसार, जिन डीएम, एडीएम और एसडीएम की कारों के पीयूसीसी नहीं होने पर चालान हुए, उन्हीं सरकारी वाहनों का इस्तेमाल अधिकारी आम लोगों के बिना पीयूसीसी वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए करते हैं। ऐसे में सरकारी वाहनों में ही पीयूसीसी नहीं होने का मामला व्यवस्था की दोहरी तस्वीर सामने रखता है।

नियमों में सरकारी वाहनों को कोई छूट नहीं

सरकारी वाहनों में पीयूसीसी नहीं होने का मामला वर्ष 2024 में एनजीटी में ले जाने वाले उत्तरी पूर्वी जिला विकास समिति के अध्यक्ष और रोहतास नगर से भाजपा विधायक जितेंद्र महाजन ने इसे गंभीर मामला बताया है।

उनका कहना है कि पीयूसीसी को लेकर जनता के लिए जो नियम हैं, वे सरकारी वाहनों पर भी लागू होने चाहिए। नियमों में सरकारी वाहनों के लिए कोई छूट नहीं है।

उन्होंने यह भी चिंता जताई कि प्रदूषण बढ़ने वाले महीने आने वाले हैं, ऐसे में नियमों के पालन में इस तरह की लापरवाही के बीच प्रदूषण से जंग कैसे लड़ी जाएगी।

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