मेट्रो में अचानक पहुंचे PM मोदी, 20 मिनट तक किया सफर; बच्चों को क्या-क्या दिए टिप्स?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली मेट्रो की पीली लाइन में अचानक यात्रा की, जहां उन्होंने स्कूली बच्चों और महिला यात्रियों ...और पढ़ें
HighLights
पीएम मोदी ने दिल्ली मेट्रो में अचानक यात्रा की।
उन्होंने बच्चों और महिला यात्रियों से बातचीत की।
एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में शामिल होने गए थे।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में शनिवार शाम यात्रियों को उस समय सुखद आश्चर्य हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अचानक उनके बीच पहुंच गए।
प्रधानमंत्री ने पीली लाइन की मेट्रो में करीब 20 मिनट तक आम यात्रियों के साथ सफर किया। कोच में मौजूद स्कूली बच्चों से उन्होंने हाथ मिलाया, उनसे बातचीत की और महिला यात्रियों से भी संवाद किया। प्रधानमंत्री के अचानक साथ सफर करने से बच्चों और अन्य यात्रियों के चेहरे खिल उठे।
प्रधानमंत्री शाम करीब सात बजे दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुए थे। उन्हें श्रीराम कालेज आफ कामर्स (एसआरसीसी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करना था। उन्होंने मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर ट्रैवल कार्ड से गेट पर टैप कर प्रवेश किया और पीली लाइन की ट्रेन में सवार हुए। वह विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर उतरे।

बच्चे ने कान में कही बात, मोदी ने मिलाया हाथ
मेट्रो में प्रधानमंत्री अलग-अलग उम्र के स्कूली बच्चों से बातचीत करते नजर आए। उनके बगल में बैठे एक बच्चे ने प्रधानमंत्री के कान में कुछ कहा। इसके बाद प्रधानमंत्री ने उससे हाथ मिलाया। अन्य बच्चों ने भी प्रधानमंत्री से हाथ मिलाया। इस दौरान महिला यात्रियों से भी उन्होंने बातचीत की। प्रधानमंत्री के इस सहज मेट्रो सफर के वीडियो और तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए।
मेट्रो से सफर का पुराना नाता
प्रधानमंत्री का दिल्ली मेट्रो से सफर का यह पहला मौका नहीं है। वर्ष 2023 में भी उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए मेट्रो से यात्रा की थी। वर्ष 2015 में उन्होंने दिल्ली मेट्रो से सफर कर फरीदाबाद विस्तार लाइन का उद्घाटन किया था। फरवरी 2026 में उन्होंने मेरठ मेट्रो की यात्रा की थी और मेरठ दक्षिण स्टेशन पर उतरे थे।
एसआरसीसी के पूर्व छात्रों का जिक्र कर बोले- मैं छठा खिलाड़ी
एसआरसीसी के शताब्दी समारोह में प्रधानमंत्री ने कालेज के पूर्व छात्रों और उनकी उपलब्धियों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने कहा, “मैं छठा खिलाड़ी हूं।” उन्होंने कहा कि आज का अवसर ऐतिहासिक है और देश के शिक्षा क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। एसआरसीसी से जुड़ी कई पीढ़ियां इस अवसर से जुड़ी हुई हैं।
प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक प्रगति, रक्षा निर्यात में वृद्धि, नक्सलवाद के खात्मे और नए संसद भवन के निर्माण सहित विभिन्न उपलब्धियों का उल्लेख किया।
उन्होंने कोविड-19 के खिलाफ देश की लड़ाई का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय करते हैं और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करते हैं।
पिछड़ी मानसिकता पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि देशवासी अराजकतावादी मानसिकता रखने वालों का असली रंग देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने एसआरसीसी के संस्थापक उद्योगपति और समाजसेवी सर श्रीराम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति 100 वर्ष जीता है तो उसके अनुभवों को ज्ञान का सागर माना जाता है और जब कोई संस्थान 100 वर्ष पूरे करता है तो वह उपलब्धियों का महासागर बन जाता है।
