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दिल्ली के पीरागढ़ी में तीन लाशें मिलने का मामला, जहरीली कोल्ड ड्रिंक और फर्जी पते ने उलझाई तीन शवों की गुत्थी

Updated: Tue, 10 Feb 2026 03:23 PM (IST)

पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर टाटा टिएगो कार में मिले तीन शवों के मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। शुरुआती जांच में लूटपाट के निशान नहीं मिले, जिससे सामू ...और पढ़ें

तीन मौतों की गुत्थी सुलझाने में जुटी दिल्ली पुलिस। जागरण

तीन मौतों की गुत्थी सुलझाने में जुटी दिल्ली पुलिस। जागरण

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मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर रविवार को टाटा टिएगो कार में मिले तीन शवों के मामले ने राजधानी में सनसनी फैला दी है।

दिल्ली पुलिस अब इस मामले की कड़ियों को जोड़ने में पूरी ताकत से जुटी है। शुरुआती तफ्तीश में मौके पर हाथापाई या लूटपाट के कोई भी निशान नहीं मिले हैं, क्योंकि कार में रखे मोबाइल फोन और महिला के गहने पूरी तरह सुरक्षित पाए गए थे।

इसी वजह से पुलिस ने लूट की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए अब अपनी जांच सुसाइड फैक्ट (सामूहिक आत्महत्या) या किसी गहरी साजिश के कोण पर टिका दी है।

घटनास्थल का मुआयना करने पर पुलिस टीम को कार के भीतर से तीन गिलास और कोल्ड ड्रिंक की एक बोतल बरामद हुई थी, जिनसे एक बहुत ही तीखी और संदिग्ध गंध आ रही थी।

बोतल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा

इसी आधार पर पुलिस अधिकारियों को अंदेशा है कि तीनों ने कोल्ड ड्रिंक में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर पिया होगा। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौत की असली वजह का खुलासा पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, उन गिलासों और बोतल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि जहर के प्रकार की पुष्टि की जा सके।

इस पूरे रहस्यमयी मामले में सबसे बड़ा सिरदर्द उस महिला की पहचान बनी हुई है, जिसकी शिनाख्त जहांगीरपुरी निवासी 40 वर्षीय लक्ष्मी के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में महिला द्वारा दिया गया जहांगीरपुरी का पता पूरी तरह फर्जी निकला है और अब तक उसका कोई भी सगा-संबंधी सामने नहीं आया है।

मृतकों में शामिल 76 वर्षीय बुजुर्ग रणधीर सिंह बापरौला गांव के रहने वाले थे और पेशे से प्रॉपर्टी डीलर होने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर ब्याज पर पैसे देने का काम करते थे। उनके साथ कार में मौजूद 40 वर्षीय शिव नरेश उनका सहयोगी बताया जा रहा है।

डीसीपी सचिन शर्मा के नेतृत्व में पुलिस की टीमें अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए आधुनिक और पारंपरिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल कर रही हैं। मृतकों के मोबाइल फोन के काल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि मौत से पहले वे किसके संपर्क में थे।

साथ ही, बापरौला से पीरागढ़ी फ्लाईओवर के बीच के तमाम सीसीटीवी कैमरों फुटेज के साथ ही उनके मोबाइल फोन के लोकेशन के साथ उसकी मैपिंग की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि कार में महिला और शिव नरेश कब और कहां से सवार हुए थे।

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पुलिस रणधीर सिंह के सूदखोरी के व्यवसाय और उनके वित्तीय लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या हाल ही में उनका किसी से बड़ा विवाद हुआ था।

कार से मिले कुछ मेडिकल कागजात भी जांच का हिस्सा हैं, जिनसे यह समझने की कोशिश की जा रही है कि क्या वे किसी गंभीर मानसिक या शारीरिक तनाव से तो गुजर नही रहे थे।