विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पीरागढ़ी में कार में तीन शव मिलने की गुत्थी सुलझी, धनवर्षा का झांसा देकर काला जादू करने वाला मौलाना गिरफ्तार

Updated: Wed, 11 Feb 2026 06:17 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक बंद कार में मिले तीन शवों के मामले में पहली गिरफ्तारी की है। कमरुद्दीन नामक एक स्वयंभू 'मौलाना' को हत्या क ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने बुधवार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक लॉक कार में तीन लोगों के शव मिलने के मामले में पहली गिरफ्तारी की है। पुलिस ने एक स्वयंभू 'मौलाना' को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान कमरुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह एक मौलाना है। वह खुद को काला जादू करने वाला बताता है। आरोपी पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

कार में दो लाश पीछे और एक थी ड्राइविंग सीट पर 

8 फरवरी को पश्चिम विहार ईस्ट पुलिस स्टेशन में पीसीआर कॉल आई कि एक कार में तीन लोग बेहोश पड़े हैं। मृतकों की पहचान रणधीर (76 वर्ष, बापरोला निवासी), शिव नरेश सिंह (47 वर्ष, नगली डेयरी से प्रॉपर्टी डीलर) और लक्ष्मी देवी (40 वर्ष, जहांगीरपुरी निवासी) के रूप में हुई है। रविवार दोपहर में एक लॉक्ड कार के अंदर इनके शव मिले थे, जिसमें रणधीर ड्राइवर सीट पर और बाकी दो पीछे की सीट पर बैठे थे।

शराब की बोतलें और कोल्ड ड्रिंक भी मिला

तीनों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह मामला शुरू में सामूहिक आत्महत्या या जहर से मौत का संदेह था, लेकिन जांच में आगे बढ़ते हुए अब हत्या का एंगल मजबूत हो गया। कार की तलाशी में शराब की बोतलें, कोल्ड ड्रिंक, खाली गिलास, मोबाइल फोन, नकदी, हेलमेट, जैकेट, आधार कार्ड और अन्य व्यक्तिगत सामान मिले।

ऐसे सामने आया काला जादू का एंगल

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगालने शुरू किए तो इससे पता चला कि कार में इन तीनों के अलावा चौथा शख्स भी था। फिर पुलिस ने एक फुटेज में चौथा शख्स की छानबीन शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने तकनीकी छानबीन के आधार पर लोनी स्थित इस चौथे शख्स के घर का ढूंढ निकाला।

परिवार ने सुसाइड से इंकार किया

मृतकों के परिजनों ने सुसाइड की बात से इनकार किया और मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि तीनों घटना से पहले कमरुद्दीन के संपर्क में थे। वे घटना से एक दिन पहले और घटना वाले दि लोनी गए थे।


मौलाना देता रहा गोलमोल जवाब

पुलिस को चौथे शख्स के घर पहुंचने पर पता चला कि वह एक मौलाना है। इसके बाद ही पुलिस ने काला जादू के कोण पर अपनी छानबीन शुरू की। तकनीकी जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि वारदात वाले दिन तीनों कार से मौलाना के घर गए थे और वहां से उसे लेकर ये लोग पीरागढ़ी पहुंचे थे। हालांकि, पीरागढ़ी में कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद मौलाना कार से बाहर आया और फरार हो गया था। शुरुआत में पुलिस उससे जो भी प्रश्न पूछ रही है, उसका वह गोलमोल उत्तर दे रहा था।

हत्या की साजिश और धनवर्षा का झांसा

पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन लोगों को 'धन वर्षा' (अचानक धन प्राप्ति) का लालच देकर काला जादू के नाम पर फंसाता था। वह पीड़ितों का विश्वास जीतने के बाद उन्हें जहर मिले लड्डू खिलाता था। साथ ही, शराब और कोल्ड ड्रिंक पिलाता था। जब पीड़ित बेहोश हो जाते, तो वह उनके पास से नकदी और कीमती सामान लूटकर फरार हो जाता था।

 

जहर मिले लड्डू और अनुष्ठान

कमरुद्दीन ने तीनों को 'धन वर्षा' के लिए विशेष पूजा कराने का लालच दिया और 2 लाख रुपये नकद, शराब तथा कोल्ड ड्रिंक लाने को कहा। घटना वाले दिन उसने जहर मिले लड्डू तैयार किए और लोनी से दिल्ली तक कार में उनके साथ यात्रा की। रास्ते में उसने उन्हें शराब, कोल्ड ड्रिंक और जहर वाले लड्डू 'अनुष्ठान' के नाम पर खिला दिए। पीड़ितों के बेहोश होने पर उसने नकदी लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी, लोकेशन डेटा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य से उसकी मौजूदगी साबित हुई।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

कमरुद्दीन आदतन अपराधी है। वह राजस्थान और उत्तर प्रदेश में इसी तरह के दो हत्या के मामलों में वांछित था। 2014 में राजस्थान के धौलपुर (राजा खेड़ा थाना) में आईपीसी की धारा 143, 363 और 302 के तहत केस दर्ज हुआ था। 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद (मख्खनपुर थाना) में बीएनएस की धारा 103(1) और 123 के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। पश्चिम विहार ईस्ट पुलिस स्टेशन में यह केस दर्ज किया गया है। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश कर रही है।

यह भी पढ़ें- तीन शव, एक कार और तंत्रमंत्र का रहस्य...पीरागढ़ी कांड में तीन मौतों के मामले में सामने आया तांत्रिक कनेक्शन