मर्सिडीज से बुजुर्ग महिला को कुचलने वाले दारोगा के बेटे को मिली जमानत, परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
नरेला में तेज रफ्तार मर्सिडीज से बुजुर्ग महिला की मौत के मामले में दारोगा के बेटे शुभम को सुबह गिरफ्तार कर शाम को जमानत मिल गई। पीड़ित परिवार ने त्वरि ...और पढ़ें
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दारोगा के बेटे शुभम को सुबह गिरफ्तार कर शाम को जमानत मिल गई।
HighLights
दारोगा के बेटे शुभम को सुबह गिरफ्तार कर शाम को जमानत मिली।
पीड़ित परिवार ने त्वरित जमानत पर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।
पुलिस फोरेंसिक रिपोर्ट और मेडिकल जांच का इंतजार कर रही है।
राजीव रंजन, बाहरी दिल्ली। नरेला में तेज रफ्तार मर्सिडीज की चपेट में आकर बुजुर्ग महिला उर्मिला की मौत के मामले में दारोगा के आरोपित बेटे शुभम को शनिवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह दिनभर थाने में रहा और शाम को उसके भाई ने उसकी जमानत करा ली।
आरोपित के इतनी जल्दी जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। लेकिन पुलिस का कहना है कि कानून के मुताबिक ही जमानत दी गई है और अब आगे की कारवाई के लिए पुलिस को मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
उर्मिला के बेटे प्रमोद का कहना है कि आरोपित को जमानत मिल जाना उनके परिवार के लिए बेहद पीड़ादायक है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपित चालक के नशे में होने की बात कही थी। वह पुलिस वाले का बेटा भी है, इस वजह से परिवार चाहता है कि इस पहलू की भी गंभीरता से जांच हो।
यदि जांच में शराब के सेवन, तेज रफ्तार या गंभीर लापरवाही की पुष्टि होती है तो आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे बिना जांच किसी को दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपनी मां की दुखद मौत की जिम्मेदारी तय कराने की मांग कर रहे हैं।
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तथ्यों के आधार पर होगी आगे की कारवाई
पुलिस का कहना है कि हादसे में जख्मी हुए वैगन आर कार चालक नरेन्द्र की पत्नी गीता की शिकायत पर बीएनएस की धारा 281, 106(1) और 125(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया। अब जांच के दौरान हादसे की वास्तविक परिस्थितियों को वैज्ञानिक साक्ष्यों से स्थापित करना जरूरी है।
घटनास्थल की जांच, वाहन की तकनीकी स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, चालक की मेडिकल जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट जांच का अहम हिस्सा होंगे। पुलिस का पक्ष है कि रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई अतिरिक्त गंभीर तथ्य सामने आता है तो पुलिस कानून के अनुसार धाराओं की समीक्षा कर सकती है।
नशे की पुष्टि होने पर हो सकती है सख्त कारवाई
हाईकोर्ट के अधिवक्ता यशवंत शाही ने बताया कि यदि शराब के नशे में वाहन चलाने की पुष्टि होती है, तो आरोपित के खिलाफ 106(2) की धारा लगाई जा सकती है, जिसमें थाने से जमानत नहीं मिलती। इसके अलावा इस मामले में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत भी अतिरिक्त कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, यदि जांच में खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के तथ्य सामने आते हैं तो धारा 184 एमवी एक्ट भी लगाई जा सकती है।