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    महंगे किराये से मुक्ति, मिरांडा हाउस में बनेगा 120 बेड का नया हॉस्टल; EWS और दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी प्राथमिकता?

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 11:25 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग छात्राओं के लिए 120 बेड का नया छात्रावास बनाया जाएगा। यह परियोजना छात्राओं को ...और पढ़ें

    मिरांडा हाउस में बनेगा नया हॉस्टल। फोटो: आर्काइव

    मिरांडा हाउस में बनेगा नया हॉस्टल। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. मिरांडा हाउस में 120 बेड का नया छात्रावास बनेगा

    2. EWS और दिव्यांग छात्राओं को इसमें प्राथमिकता मिलेगी

    3. यह परियोजना दो साल में पूरी होने की उम्मीद है

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के मिरांडा हाउस कॉलेज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और दिव्यांग (पीडब्ल्यूडी) छात्राओं के लिए 120 बेड का नया छात्रावास बनाया जाएगा।

    कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इस परियोजना का उद्देश्य उन छात्राओं को राहत देना है, जिन्हें दिल्ली में किफायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

    दो साल में पूरा होगा निर्माण, मंजूरियों का इंतजार

    कॉलेज अधिकारियों के अनुसार नया छात्रावास मौजूदा हॉस्टल परिसर के पीछे कॉलेज परिसर में ही बनाया जाएगा। अगले दो सप्ताह में परियोजना का प्रारंभिक डिजाइन तैयार होने की उम्मीद है, जिसके बाद विस्तृत योजना पर काम शुरू होगा।

    इस परियोजना का निर्माण कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के सहयोग से किया जाएगा। हालांकि निर्माण शुरू करने से पहले नगर निगम (एमसीडी) और अन्य संबंधित विभागों से मंजूरी मिलना बाकी है। निर्माण कार्य पूरा होने में करीब दो वर्ष लगेंगे।

    हॉस्टल क्षमता बढ़कर होगी करीब 490

    वर्तमान में मिरांडा हाउस के छात्रावास में लगभग 370 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है, लेकिन हर वर्ष हॉस्टल सीटों की तुलना में कहीं अधिक आवेदन आते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्राओं को कॉलेज के बाहर महंगे किराये के आवास में रहना पड़ता है।

    नए छात्रावास के बनने के बाद कॉलेज में हॉस्टल सीटों की संख्या बढ़कर करीब 490 हो जाएगी। इससे परिसर में रहने की सुविधा का दायरा बढ़ेगा और छात्राओं के रहने का खर्च तथा यात्रा का समय दोनों कम होंगे। साथ ही उन्हें सुरक्षित और पढ़ाई के अनुकूल वातावरण भी मिलेगा।

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    दूसरे राज्यों से आने वाली छात्राओं को मिलेगा लाभ

    कॉलेज की प्राचार्य प्रो. विजयलक्ष्मी नंदा ने कहा कि नए छात्रावास का उद्देश्य उन छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाना है, जिन्हें आर्थिक या अन्य कारणों से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दूसरे राज्यों से पढ़ाई के लिए दिल्ली आने वाली छात्राओं को इससे बड़ी राहत मिलेगी।

    आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया हॉस्टल

    कॉलेज प्रशासन के अनुसार नए छात्रावास में सुरक्षित आवासीय व्यवस्था के साथ अध्ययन कक्ष, इंटरनेट सुविधा, भोजनालय, कॉमन एरिया और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और आवासीय माहौल मिल सके।

    ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग छात्राओं के लिए सीटें आरक्षित रखने का उद्देश्य उच्च शिक्षा हासिल करने में उनके सामने आने वाली चुनौतियों को कम करना है।

    डीयू में हॉस्टल सीटों की बनी हुई है कमी

    दिल्ली विश्वविद्यालय में हर वर्ष विभिन्न कॉलेजों में 71 हजार 600 से अधिक स्नातक छात्रों का प्रवेश होता है, जबकि विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में उपलब्ध हॉस्टल सीटें इसकी तुलना में काफी कम हैं।

    ऐसे में मिरांडा हाउस में नए छात्रावास का निर्माण परिसर में आवास की कमी दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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