'TOD नीति से बढ़ेगा ‘वॉक-टू-वर्क’ कल्चर', LG तरनजीत सिंह संधू ने रखा ‘विकसित दिल्ली’ का रोडमैप
एलजी तरनजीत सिंह संधू ने टीओडी नीति के तहत 'वाक-टू-वर्क' संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। इसका उद्देश्य मेट्रो स्टेशनों के पास एकीकृत हब विकसित ...और पढ़ें

एलजी ने 'वॉक टू वर्क' संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर दिया। फाइल फोटो
HighLights
एलजी संधू ने 'वाक-टू-वर्क' संस्कृति को बढ़ावा दिया।
टीओडी नीति से प्रदूषण घटेगा, शहरी आवागमन सुधरेगा।
मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर दायरे में होगा विकास।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एलजी तरनजीत सिंह संधू ने ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत ''वाक-टू-वर्क'' (काम पर पैदल जाना) की संस्कृति को बढ़ावा देने की बात कही है।
बुधवार को लोकनिवास में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारियों के साथ हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जब घर और दफ्तर दोनों आसपास होंगे तो सड़कों पर वाहनों का दबाव भी कम होगा। लोग पैदल चलकर भी वहां जा सकेंगे।
एकीकृत हब तैयार करना लक्ष्य
संधू ने जोर देकर कहा कि मेट्रो और नमो भारत स्टेशनों के आसपास उच्च घनत्व और मिश्रित उपयोग वाले समुदायों का विकास करना ''विकसित दिल्ली'' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा।
एलजी ने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ''विकसित भारत'' के दृष्टिकोण से प्रेरित है, जो दिल्ली के शहरी परिदृश्य और क्षितिज (स्काईलाइन) को पूरी तरह बदल देगी।
योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे एकीकृत हब तैयार करना है जहां लोग अपने रहने, काम करने और खरीदारी के लिए निजी वाहनों पर निर्भर नहीं रहें। इससे प्रदूषण में कमी आएगी व दिल्ली अधिक ''ग्रीन'' और टिकाऊ बनेगी।
शहरी आवागमन में सुधार
इस नीति के जरिए सरकार का लक्ष्य भीड़भाड़ कम करना, शहरी आवागमन में सुधार करना और आम नागरिकों के लिए किफायती घरों तक पहुंच आसान बनाना है।
नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन के लिए ''टीओडी और शुल्क विनियम, 2026'' को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत मेट्रो और आरआरटीएस कारिडोर के 500 मीटर के दायरे में विकास होगा। इससे दिल्ली का करीब 207 वर्ग किमी क्षेत्र नियोजित विकास के दायरे में आएगा।