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    उमर खालिद की किताब पर संग्राम, JNU ऑडोटोरियम कैंसिल होने पर वेन्यू बदलकर 'फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज' पर चर्चा

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:52 PM (IST)

    जेएनयूएसयू ने जेएनयू प्रशासन द्वारा सभागार बुकिंग रद करने के बावजूद पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब पर एक परिचर्चा का आयोजन किया। यह कार्यक्रम वैकल्पिक ...और पढ़ें

    जेएनयू में उमर खालिद की किताब को लेकर चर्चा करते छात्र व शिक्षक। सौ. जेएनयूएसयू

    जेएनयू में उमर खालिद की किताब को लेकर चर्चा करते छात्र व शिक्षक। सौ. जेएनयूएसयू

    HighLights

    1. जेएनयूएसयू ने उमर खालिद की किताब पर परिचर्चा आयोजित की

    2. प्रशासन ने सभागार की बुकिंग रद्द की, छात्रों ने वैकल्पिक स्थान चुना

    3. 'फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज' पर चर्चा में कई छात्र-शिक्षक शामिल हुए

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेएनयू में सभागार की बुकिंग रद होने के बाद भी छात्रों की ओर से पूर्व छात्र उमर खालिद की किताब पर प्रस्तावित परिचर्चा को रद नहीं किया गया।

    सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने स्कूल आफ सोशल साइंसेज-2 (एसएसएस-2) भवन के बाहर वैकल्पिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया। दोपहर करीब तीन बजे शुरू हुई चर्चा में कई छात्र और शिक्षक शामिल हुए।

    वेन्यू बदलकर की गई चर्चा 

    कार्यक्रम में खालिद की पुस्तक फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज : आदिवासी हिस्ट्री एंड द पालिटिक्स ऑफ पावर पर चर्चा की गई। छात्रसंघ के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर यह परिचर्चा आयोजित की गई थी। इसके लिए पहले स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज-1 (एसएसएस-1) के सभागार की बुकिंग की गई थी।

    विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम की बुकिंग रद करते हुए कहा था कि कार्यक्रम से संबंधित पूरे तथ्यों की जानकारी प्रशासन को नहीं दी गई थी। इसके बाद छात्रसंघ ने वैकल्पिक स्थान पर कार्यक्रम करने का निर्णय लिया।

    फैसले को मनमाना करार दिया 

    जेएनयूएसयू ने प्रशासन के फैसले को मनमाना और अधिकारवादी बताते हुए कहा था कि सभागार की बुकिंग रद होने से छात्रों के बीच संवाद और चर्चा को नहीं रोका जा सकता।

    कार्यक्रम के पोस्टर के मुताबिक, परिचर्चा में प्रो. प्रभु महापात्र, प्रो. उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर और बानोज्योत्स्ना शामिल हुए। उमर खालिद सितंबर 2020 से उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में यूएपीए के तहत जेल में हैं।

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