JNU में हॉस्टल की कमी बनी चुनौती, 348 PG छात्रों को मिला आवास; 3000 स्टूडेंट्स का बढ़ा इंतजार
जेएनयू में 348 पीजी छात्रों को हॉस्टल आवंटित किए गए हैं, जिन्हें 14 अगस्त तक स्थानांतरित होने के निर्देश हैं। हालांकि, लगभग तीन हजार छात्र अभी भी हॉस् ...और पढ़ें

जेएनयू। फाइल फोटो
HighLights
348 पीजी छात्रों को जेएनयू हॉस्टल आवंटित।
14 अगस्त तक हॉस्टल में स्थानांतरित होने के निर्देश।
लगभग 3000 छात्र अभी भी हॉस्टल का इंतजार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जेएनयू में नए पीजी छात्रों के हास्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। डीन छात्र कार्यालय ने विभिन्न श्रेणियों के 348 पीजी छात्रों को हास्टल आवंटित किए हैं।
आवंटित छात्रों को 14 अगस्त तक अपने हास्टल में स्थानांतरित होने के निर्देश दिए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से निर्धारित समय सीमा के भीतर हास्टल आवंटन से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है।
जेएनयू में पहले वर्ष में करीब सात हजार छात्रों को हास्टल आवंटित किया जाता है। हालांकि, सभी छात्रों को एक साथ हास्टल उपलब्ध नहीं हो पाता।
कई चरणों में मिलता है आवास
वरिष्ठ छात्रों के हास्टल खाली होने के साथ रैंक के आधार पर अन्य छात्रों को भी बीच सेमेस्टर के दौरान हास्टल आवंटित किया जाता है। ऐसे में छात्रों को कई चरणों में आवास मिलता है।
इसके बावजूद करीब तीन हजार छात्र हास्टल से वंचित रह जाते हैं। हास्टल नहीं मिलने के कारण इन छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए विश्वविद्यालय परिसर के आसपास पीजी या किराये के कमरे लेने पड़ते हैं।
इससे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ता है। खासकर दूसरे शहरों से जेएनयू में पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए यह बड़ी चुनौती बन जाती है।
सभी छात्रों को हॉस्टल देना प्राथमिकता
छात्रों को उम्मीद रहती है कि वरिष्ठ छात्रों के हास्टल खाली होने के बाद रैंक के आधार पर उन्हें भी कैंपस में आवास मिल जाएगा। जेएनयू के एक अधिकारी का कहना है कि सीमित हास्टल सीट होने के कारण छात्रों को वरिष्ठ छात्रों के हास्टल खाली करने का इंतजार करना पड़ता है। हालांकि, हमारी कोशिश रहती है कि सभी छात्रों को हास्टल मिल जाए।