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    युवाओं में हिप रिप्लेसमेंट के मामले 40% तक बढ़े, कोविड में स्टेरॉयड का इस्तेमाल और देरी से जांच बड़ी वजह

    Updated: Sun, 24 May 2026 08:45 PM (IST)

    युवाओं में हिप से जुड़ी गंभीर बीमारियां, जैसे एवीएन और हिप आर्थराइटिस, तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में 40% की वृद्धि हुई है। कोव ...और पढ़ें

    युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हिप डैमेज। (AI Generated Image)

    युवाओं में तेजी से बढ़ रहा हिप डैमेज। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. युवाओं में हिप डैमेज और आर्थराइटिस के मामले बढ़े।

    2. देश में हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में 40% वृद्धि।

    3. कोविड स्टेरॉयड और देरी से इलाज प्रमुख कारण।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। युवाओं में हिप से जुड़ी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अब यह मामले 30 से 40 वर्ष के लोगों में भी एवास्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) और हिप आर्थराइटिस के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जबकि पहले यह केवल बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती थी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    रविवार को आयोजित दूसरी दिल्ली हिप 360 कान्फ्रेंस में मैक्स अस्पताल के आर्थोपेडिक्स एवं जाइंट रिप्लेसमेंट विभाग के निदेशक डा. एल. तोमर ने कहा कि कोविड के दौरान स्टेरायड ने मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय तक उपयोग से हिप जाइंट को नुकसान पहुंचा है। कहा कि अब कम उम्र के मरीज भी गंभीर हिप डैमेज और फीमर हेड के कोलैप्स की समस्या के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    कान्फ्रेंस के आयोजन सचिव डा. करुण जैन ने कहा कि मरीज शुरुआती दर्द और अकड़न को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। डा. गौरव गोविल ने बताया कि आधुनिक इम्प्लांट और रोबोटिक तकनीकों के कारण हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी अब अधिक सफल और सुरक्षित हो गई है। विशेषज्ञों ने समय पर एमआरआई जांच और शुरुआती इलाज को बेहद जरूरी बताया।

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