यूएपीए केस में सांसद इंजीनियर रशीद को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, आरोप तय करने के खिलाफ अपील खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) म ...और पढ़ें

एनआईए द्वारा आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के मामले में आरोप तय करने के ट्रायल कोर्ट के निर्णय को चुनौती देने वाली जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के सांसद इंजीनियर रशीद अपील याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति प्रतिबा एम सिंह व न्यायमूर्ति मधु जैन की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ रशीद की अपील सुनवाई योग्य नहीं है।
'अपील भी सुनवाई योग्य नहीं होगी'
पीठ ने कहा कि एक अन्य समन्वय पीठ ने पहले ही एक दूसरे मामले में यह फैसला दिया था कि आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ अपील सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि यह अंतिम आदेश नहीं था। पीठ ने कहा कि यह अपील भी सुनवाई योग्य नहीं होगी और इसे खारिज किया जाता है।
अपील 1100 दिनों की देरी से दायर की
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कहा कि रशीद की अपील 1100 दिनों की देरी से दायर की गई थी और इसे माफ नहीं किया जाना चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि अपील खुद ही मेरिट के आधार पर सुनवाई योग्य नहीं थी, इसलिए वह देरी के पहलू पर विचार नहीं कर रहा है।
इस अपील में 16 मार्च 2022 के आरोप तय करने के आदेश सहित एक अन्य औपचारिक आरोप को चुनौती दी गई है। समन्वय पीठ ने शाहिद यूसुफ के मामले में कहा था कि आरोपित के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश इंटरलोक्यूटरी प्रकृति का है और राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम की धारा- 21 के तहत अपील में इसे चुनौती नहीं दी जा सकती।
ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती
राशिद की अपील में 16 मार्च 2022 के ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उसके खिलाफ आईपीसी की धारा -120बी (आपराधिक साजिश), 121 (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना या छेड़ने की कोशिश करना या युद्ध छेड़ने में मदद करना), 121ए (देशद्रोह) और यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए सजा), धारा-15 (आतंकवादी कृत्य), धारा- 17 (आतंकवादी कृत्य के लिए फंड जुटाने की सजा) और धारा-18 (साजिश आदि के लिए सजा) के तहत आरोप तय किए गए थे।्र
पीठ ने यह भी कहा कि चूंकि मेरिट के आधार पर ही अपील सुनवाई योग्य नहीं होगी, इसलिए कोर्ट ने आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में देरी के पहलू पर विचार नहीं किया है। रशीद ने 21 मार्च 2025 के ट्रायल कोर्ट के एक आदेश को चुनौती देते हुए एक और अपील दायर की है।
2019 से तिहाड़ जेल में बंद
इसमें आईपीसी की धारा 120बी सहित अन्य व यूएपीए के विभिन्न प्रविधानों के तहत अपराधों से संबंधित एक मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इस पर मामले पर 19 फरवरी के लिए सूचीबद्ध है। रशीद 2024 के लोकसभा चुनावों में बारामूला निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए थे और एनआईए द्वारा आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था और वह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद हैं।

