रिटायर्ड हाईकोर्ट जज कुद्दुसी केस में CBI की अपील नामंजूर, दिल्ली HC ने कहा-धारा 91 के तहत निजी जानकारी मांगना गलत
दिल्ली हाई कोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आईएम कुद्दुसी को सीबीआई द्वारा जारी नोटिस रद्द करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है। सीबीआई ने सी ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आईएम कुद्दुसी को जारी किए नोटिस को रद करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट ने बरकरार रखा।
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई नोटिस रद्द करने का आदेश बरकरार रखा।
सीबीआई ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति कुद्दुसी से निजी जानकारी मांगी थी।
धारा 91 के तहत निजी जानकारी मांगना गलत, कोर्ट ने कहा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के मामले में जांच एजेंसी द्वारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आईएम कुद्दुसी को जारी किए नोटिस को रद करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। उक्त आदेश के खिलाफ सीबीआई ने याचिका दायर की थी।
सीबीआई ने नोटिस में कुद्दुसी के मोबाइल नंबर, बैंक खातों और घरेलू स्टाफ के बारे में जानकारी मांगी गई थी। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि सीबीआई का नोटिस आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 91 के तहत जारी किया गया था, जो पहले से मौजूद दस्तावेज या सामग्री को पेश करने के लिए है, न कि किसी आरोपित को निजी जानकारी के आधार पर जानकारी बनाने के लिए मजबूर करने के लिए।
अदालत ने निर्णय सुनाया कि धारा -91 के तहत एक नोटिस जारी करके याचिकाकर्ता एजेंसी पूछताछ की प्रक्रिया को दरकिनार करने की कोशिश कर रही है। अदालत ने कहा कि यह आरोपित की मर्जी और अधिकारों के अधीन मौखिक जांच को, पेश करने के लिए एक अनिवार्य आदेश में बदलने की कोशिश है।
न्यायमूर्ति कुद्दुसी पर सीबीआई ने 2019 की एक प्राथमिकी की थी और इसमें प्रसाद एजुकेशन ट्रस्ट के लिए एक अनुकूल न्यायिक आदेश हासिल करने की साजिश का आरोप था। इस मेडिकल काॅलेज को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रतिबंधित कर दिया था।

