विश्व हिंदू परिषद की पहली महिला प्रदेश अध्यक्ष बनीं डाॅ. उपासना अरोड़ा, सुनील सूरी को मिली प्रांत मंत्री की जिम्मेदारी
विहिप ने डॉ. उपासना अरोड़ा को इंद्रप्रस्थ प्रांत (दिल्ली) की पहली महिला प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह विहिप के इतिहास में किसी महिला को प्रदेश अध ...और पढ़ें

डॉ. उपासना अरोड़ा और सुनील सूरी। फोटो: आर्काइव
HighLights
डॉ. उपासना अरोड़ा विहिप दिल्ली की पहली महिला अध्यक्ष बनीं
यह विहिप के इतिहास में महिला प्रदेश अध्यक्ष की पहली नियुक्ति है
सुनील सूरी को इंद्रप्रस्थ प्रांत का नया मंत्री बनाया गया
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने राष्ट्रीय सांगठनिक स्तर पर डाॅ. उपासना अरोड़ा को पहली महिला प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उन्हें इंद्रप्रस्थ प्रांत (दिल्ली) के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।
संगठन के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी के अनुसार, मौजूदा समय में विहिप में कोई प्रदेश अध्यक्ष महिला नहीं है। संभवत: विहिप के इतिहास में किसी महिला को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का यह पहला मामला है।
चिकित्सा और समाज सेवा से जुड़ी हैं डाॅ. उपासना
संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर चुकीं डाॅ. उपासना अरोड़ा गाजियाबाद स्थित यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की प्रबंध निदेशक हैं।
चिकित्सा क्षेत्र और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी के अनुसार, डाॅ. उपासना अरोड़ा की नियुक्ति विहिप में महिला शक्ति की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है।
कपिल खन्ना को मिली नई जिम्मेदारी
संगठनात्मक बैठक में विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने डा. उपासना अरोड़ा को इंद्रप्रस्थ प्रांत अध्यक्ष का दायित्व सौंपा। वहीं, निवर्तमान अध्यक्ष कपिल खन्ना को सांस्कृतिक गौरव संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
सुरेंद्र गुप्ता की जगह सुनील सूरी
दायित्व परिवर्तन के क्रम में निवर्तमान प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता की जगह सुनील सूरी ने ली है। राम निवास गुप्ता को कार्यकारी अध्यक्ष और सुरेंद्र गुप्ता को वरिष्ठ उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।
सुनील सूरी बैंकिंग क्षेत्र में वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी रह चुके हैं।
कई स्तरों पर नए पदाधिकारियों की घोषणा
बैठक में प्रांत स्तर के साथ-साथ विभिन्न विभागों, जिलों और अन्य प्रमुख स्तरों पर भी नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई। संगठनात्मक स्तर पर इन दायित्वों में बदलाव के साथ नए पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।