दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल तक दौड़ेगी नमो भारत ट्रेन; NCR में बनेगा 60km का नया रैपिड रेल कॉरिडोर
दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत नेटवर्क का विस्तार हो रहा है, जिसमें दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल तक 60 किलोमीटर का नया कॉरिडोर प्रस्तावित है। यह क ...और पढ़ें

दिल्ली से पलवल महज 50 मिनट में पहुंच सकेंगे। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली-पलवल 60 किमी नमो भारत कॉरिडोर प्रस्तावित
यात्रा का समय 45-50 मिनट तक कम हो जाएगा
सराय काले खां पर बनेगा बड़ा मल्टी-मॉडल हब
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में नमो भारत (RRTS) नेटवर्क का विस्तार तेजी से आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के बाद अब दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल को जोड़ने वाले नए नमो भारत कॉरिडोर की योजना पर काम किया जा रहा है।
करीब 60 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली और हरियाणा के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर के बाद यह परियोजना एनसीआर में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। प्रस्तावित कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर फरीदाबाद, बल्लभगढ़ होते हुए पलवल तक जाएगा।
50 मिनट में दिल्ली से पलवल पहुंचने की सुविधा
वर्तमान में दिल्ली से पलवल तक सड़क मार्ग या लोकल ट्रेन से यात्रा करने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता है। प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग 45 से 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
नमो भारत ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 km प्रति घंटा है, जबकि परिचालन गति 160 km प्रति घंटा तक हो सकती है। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।
सराय काले खां बनेगा सबसे बड़ा ट्रांजिट हब
इस कॉरिडोर का शुरुआती स्टेशन सराय काले खां होगा, जो भविष्य में दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित हो रहा है।
यहीं से दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर भी जुड़े रहेंगे। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो, भारतीय रेलवे और अंतरराज्यीय बस अड्डे (ISBT) से भी सीधा संपर्क मिलेगा। इससे यात्रियों को एक ही स्थान पर विभिन्न परिवहन सेवाओं के बीच आसान इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
फरीदाबाद और बल्लभगढ़ को मिलेगा हाई-स्पीड कनेक्शन
प्रस्तावित योजना के अनुसार हरियाणा में नमो भारत का पहला स्टेशन फरीदाबाद क्षेत्र में विकसित किया जा सकता है। सराय ख्वाजा और बाटा चौक को महत्वपूर्ण स्टेशन के रूप में देखा जा रहा है।
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बाटा चौक पहले से ही फरीदाबाद का प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्र है। यहां मेट्रो कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है। वहीं बल्लभगढ़ में राजा नाहर सिंह स्टेशन को मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किए जाने की संभावना है, जहां रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और मेट्रो सेवाओं का एकीकरण होगा।
पलवल को मिलेगी राजधानी से सीधी रैपिड रेल कनेक्टिविटी
कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन पलवल में प्रस्तावित है। इसके साथ ही परथला क्षेत्र, जो तेजी से औद्योगिक और अपैरल हब के रूप में उभर रहा है, को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद पलवल से दिल्ली तक सीधी हाई-स्पीड सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे दैनिक यात्रियों और उद्योगों दोनों को लाभ मिलेगा।
नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंचना भी होगा आसान
इस प्रस्तावित कॉरिडोर का एक बड़ा फायदा यह होगा कि इसे गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा-ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर से भी जोड़ा जा सकता है। यह कॉरिडोर बाटा चौक के आसपास इंटरकनेक्ट हो सकता है।
ऐसी स्थिति में फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल के यात्रियों के लिए नमो भारत नेटवर्क के जरिए सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इससे पूरे एनसीआर में क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद दिल्ली-फरीदाबाद मार्ग, एनएच-44 और मथुरा रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा। निजी वाहनों पर निर्भरता घटने से प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
साथ ही बेहतर परिवहन सुविधा के कारण फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और पलवल में रियल एस्टेट, उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में तेजी से फैल रहा नमो भारत नेटवर्क
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के संचालन के बाद अब दिल्ली-अलवर, दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-फरीदाबाद-वल्लभगढ़-पलवल जैसे नए कॉरिडोरों पर काम आगे बढ़ रहा है।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।
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