डेटिंग एप से बुजुर्ग को दोस्ती के जाल में फंसाया, डेट पर बुलाकर खाते से उड़ाए 1.30 लाख; 2 महिलाएं गिरफ्तार
दक्षिणी दिल्ली में दो महिलाओं ने एक बुजुर्ग को फर्जी डेटिंग ऐप के ज़रिए फंसाकर उनका फोन चुरा लिया और ...और पढ़ें
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित महिलाएं। फोटो- जागरण
HighLights
दो महिलाओं ने फर्जी डेटिंग ऐप से बुजुर्ग को फंसाया।
डिनर पर फोन चुराकर खाते से 1.30 लाख रुपये निकाले।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी से गिरफ्तार किया।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दो महिलाओं ने फर्जी डेटिंग एप के जरिए 67 वर्षीय बुजुर्ग से संपर्क किया। उनसे डिनर पर मुलाकात की और इस बीच उनका फोन चुरा लिया। बाद में उनके खाते से 1.30 लाख रुपये निकाल लिए। पैसे निकालने के बाद आरोपितों ने मोबाइल तोड़ दिया था।
जांच से पता चला कि ठगी गई रकम एक आरोपित के खाते में ट्रांसफर की गई थी। बाद में उसके साथी के दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी गई। ठगी गई कुल रकम में से 90 हजार एटीएम से निकाले गए। बैंकिंग ट्रेल, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और जांच से मिले अन्य सुरागों के आधार पर दोनों महिला आरोपितों ज्योत्सना व मानसी को गिरफ्तार किया गया।
क्या है पूरा मामला?
दक्षिणी पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के मुताबिक बुजुर्ग ने 25 जुलाई को ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह एक डेटिंग एप के जरिए एक महिला के संपर्क में आए। बाद में टेलीग्राम के माध्यम से उससे बातचीत शुरू की। डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्तरां में उस महिला और उसकी साथी से मिले और डिनर किया।
रेस्तरां से निकलते समय उनका उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया। इसके बाद उसके दो बैंक खातों से यूपीआइ के जरिए 1,30,000 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। एफआइआर दर्ज होने के बाद साइबर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की निगरानी व एसीपी संदीप घई की देखरेख में टीम गठित की गई।
आरोपी के खाते में ट्रांसफर की गई थी रकम
जांच से पता चला कि ठगी गई रकम एक आरोपित के खाते में ट्रांसफर की गई थी और बाद में उसके साथी के दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी। कुल रकम में से 90,000 रुपये एटीएम से निकाले गए। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर दो महिलाओं को ठगी गई रकम निकालते हुए देखा गया, जिससे जांच टीम को एक अहम सुराग मिला।
आगे तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग लेन-देन की जांच से दोनों संदिग्धों की पहचान और उनका पता लगाने में मदद मिली। पूछताछ के दौरान, आरोपितों के काम करने के तरीके का पता चला। एक आरोपित ने फर्ज़ी पहचान का इस्तेमाल करके डेटिंग एप प्रोफाइल बनाई और उसे चलाया, और शिकायतकर्ता से संपर्क किया। बाद में उसने अपनी साथी को भी इस योजना में शामिल कर लिया।
कैसे हुई दोनों महिला आरोपियों की पहचान?
दूसरी आरोपित असल में डेटिंग प्रोफाइल चलाने वाली महिला नहीं थी, लेकिन उसने प्रोफाइल होल्डर बनकर शिकायतकर्ता से मुलाकात की, जिससे उसे यकीन हो गया कि वह उसी महिला से मिल रहा है जिससे उसने ऑनलाइन बातचीत की थी। दोनों आरोपितों ने शिकायतकर्ता से 20.07.2026 और 24.07.2026 को मुतालाक की थीं।
दूसरी मुलाकात के दौरान, डिफेंस कॉलोनी के एक रेस्टोरेंट में डिनर के बाद शिकायतकर्ता का मोबाइल चोरी हो गया था। जांच में यह भी पता चला कि सबूत नष्ट करने के क्रम में चोरी हुए मोबाइल फोन को आरोपितों ने नष्ट कर दिया था। बैंकिंग ट्रेल, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और जांच से मिले अन्य सुरागों के आधार पर, इस मामले में दोनों महिला आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें गिरफ्तार किया गया।
आरोपित ज्योत्सना व मानसी दिल्ली की रहने वाली हैं। ज्योत्सना ने फर्जी डेटिंग एप प्रोफाइल बनाई और उसे चलाया, शिकायतकर्ता से संपर्क किया और बाद में अपनी साथी मानसी को भी इस योजना में शामिल किया।
इसके बाद दूसरी आरोपी ने डेटिंग एप प्रोफाइल के असली मालिक का रूप धरकर शिकायतकर्ता से मुलाकात की और प्रोफाइल चलाने वाले व्यक्ति की असली पहचान छिपाई। दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। वहीं मामले में आगे की जांच जारी है।
