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    सरचार्ज माफ होने पर भी क्यों पानी का बिल नहीं भर रहे दिल्लीवाले? सिर्फ 32% उपभोक्ताओं ने उठाया छूट का लाभ

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 10:58 AM (IST)

    दिल्ली सरकार की पानी बिल जुर्माना माफी योजना का लाभ केवल 32.6% उपभोक्ताओं ने उठाया है, जबकि इसकी अंतिम तिथि 15 अगस्त है। उपभोक्ता भारी-भरकम बिलों और ज ...और पढ़ें

    पानी बिल जुर्माना माफी योजना का मात्र 32 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया।

    पानी बिल जुर्माना माफी योजना का मात्र 32 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने लाभ उठाया।

    HighLights

    1. पानी बिल माफी योजना का लाभ केवल 32.6% उपभोक्ताओं ने लिया।

    2. योजना की अंतिम तिथि 15 अगस्त, फिर भी धीमी गति।

    3. उपभोक्ता भारी बिलों और सुनवाई न होने से परेशान।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पानी के गलत बिल से परेशान उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष अक्टूबर में लेट पेमेंट सरचार्ज (एलपीएससी) माफी योजना की घोषणा की थी। 31 जनवरी को समाप्त होने वाली इस योजना की अवधि 15 अगस्त तक बढ़ा दी गई थी, इसके बाद भी उपभोक्ता इसका लाभ उठाने में संकोच कर रहे हैं।

    इसका मूल कारण उपभोक्ताओं को भेजा गया भारी भरकम बिल है। जुर्माना व सरचार्ज माफ करने के बाद भी पानी बिल की राशि अधिक है। इसे ठीक कराने के लिए वह जल बोर्ड के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

    15 अगस्त को समाप्त होगी योजना

    दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के आंकड़ों के अनुसार एलपीएससी माफी योजना का लाभ बकाया राशि वाले केवल 32.6 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ही उठाया है, जबकि यह योजना 15 अगस्त को समाप्त होने वाली है।

    कब शुरू की गई थी योजना?

    14 अक्टूबर, 2025 को जब यह योजना शुरू की गई थी, तब लगभग 14.6 लाख लोगों के बिल बकाया थे, जिनमें से केवल 4,78,999 (32.6 प्रतिशत) लोगों ने ही छूट का लाभ उठाया है। 67.38 प्रतिशत लोगों का बकाया अभी भी बाकी है। जल बोर्ड बिल संबंधित मामलों के समाधान के लिए जोनल रेवेन्यू आफिसर स्तर पर समिति बनाने का निर्णय लिया है।

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    इस योजना का उद्देश्य इन बकाया राशियों के भुगतान को आसान बनाना है, जिसके तहत उपभोक्ता को केवल मूल राशि का भुगतान करना है। सरकार ने ब्याज और लेट पेमेंट सरचार्ज माफ कर दिया है। योजना शुरू होने के बाद से डीजेबी ने 641.11 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है, जबकि उपभोक्ताओं के 1,709.72 करोड़ रुपये से अधिक के ब्याज माफ किए गए हैं।

    उपभोक्ताओं पर 87,588 करोड़ रुपये था बकाया

    योजना शुरू होने के समय घरेलू, सरकारी और व्यावसायिक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर 87,588 करोड़ रुपये से अधिक का बिल बकाया था। इसमें से मूल बिल बकाया राशि 7,125 करोड़ रुपये थी और एलपीएससी शुल्क 80,463 करोड़ रुपये था। घरेलू श्रेणी में, लंबित बिल 16,126 करोड़ रुपये के थे, जिसमें 5,057 करोड़ रुपये मूल राशि के रूप में और 11,069 करोड़ रुपये एलपीएससी के रूप में थे।

    योजना की अवधि बढ़ाए जाने के बाद भी बिल भुगतान की गति काफी धीमी है। दिल्ली सरकार ने 30 जनवरी को घोषणा की थी कि निर्वाचित प्रतिनिधियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और उपभोक्ताओं की मांग को ध्यान में योजना को 15 अगस्त तक बढ़ाया जा रहा है।

    सरकार ने बताया था कि तब तक, 3.3 लाख उपभोक्ताओं (लगभग 22 प्रतिशत) ने इस योजना का लाभ उठाया था और 29 जनवरी तक 430 करोड़ रुपये का मूल बकाया बिल का भुगतान हुआ था।

    अधिकारियों का कहना है कि जल बोर्ड ने बकाया बिलों के निपटान के लिए ऑनलाइन और एप-आधारित भुगतान सुविधाएं शुरू की हैं। अधिकारी ने आगे कहा अधिकांश उपभोक्ताओं का तर्क है कि उनके बिल शून्य हुआ करते थे या कभी जनरेट ही नहीं होते थे, लेकिन उन्हें अचानक भारी-भरकम बिल भेज दिए गए हैं।

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