दिल्ली में 5,000 से ज्यादा ATM असुरक्षित, 2 हजार से ज्यादा बूथों पर न सिक्योरिटी गार्ड और न शटर लॉक
दिल्ली पुलिस के एक सर्वे में राजधानी के 5,000 से अधिक एटीएम असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें सुरक्षा गार्ड, शटर लॉक और पर्याप्त सीसीटीवी कैमरों की कमी है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated
HighLights
दिल्ली में 5,000 से अधिक एटीएम असुरक्षित पाए गए
2,044 बूथों पर सुरक्षा गार्ड नहीं, 2,514 बिना शटर लॉक
पुलिस ने बैंकों को सुरक्षा बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में एटीएम की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस के ताजा सर्वे ने गंभीर तस्वीर पेश की है। इस वर्ष शहर के पांच हजार से अधिक एटीएम बूथों की जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में एटीएम न्यूनतम सुरक्षा मानकों के बिना संचालित हो रहे हैं।
कई बूथों पर सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, कहीं शटर लॉक की व्यवस्था नहीं है तो कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे या तो लगे ही नहीं हैं या पर्याप्त कवरेज नहीं दे रहे। पुलिस का मानना है कि यही कमियां एटीएम चोरी की घटनाओं को बढ़ावा दे रही हैं।

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- ai generated
2,044 बूथों पर नहीं मिले सिक्योरिटी गार्ड तैनात
सर्वे के मुताबिक, 2,514 एटीएम बिना शटर लॉक के संचालित हो रहे थे, जबकि 2,044 बूथों पर कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं मिला। इसके अलावा 767 एटीएम बूथों के बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे, 15 बूथों के अंदर कैमरे नहीं लगे थे और 119 एटीएम बिना शटर के ही चल रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही अपराधियों के लिए आसान निशाना तैयार करती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा गार्ड नहीं रखना बैंकों के लिए खर्च कम करने का जरिया हो सकता है, लेकिन इससे चोरी और तोड़फोड़ का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। हाल के महीनों में अशोक विहार में कैश प्वाइंट तोड़ने और गोविंदपुरी में एटीएम उखाड़कर ले जाने जैसी घटनाओं ने इस खतरे को और स्पष्ट किया है।
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जांच एजेंसियों के मुताबिक, एटीएम चोरी की अधिकांश वारदातें अचानक नहीं होतीं, बल्कि संगठित गिरोह पूरी योजना के साथ इन्हें अंजाम देते हैं। अपराधी पहले ऐसे एटीएम की पहचान करते हैं जहां सुरक्षा गार्ड नहीं होता या आसपास सुनसान इलॉका होता है। इसके बाद वे कई दिनों तक पुलिस गश्त का समय, लोगों की आवाजाही और भागने के संभावित रास्तों का अध्ययन करते हैं।
गैस कटर से उखाड़कर ले जाते हैं एटीएम
वारदात के दौरान बदमाश अक्सर चेहरा ढंककर बूथ में प्रवेश करते हैं और सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों पर पेंट स्प्रे कर उन्हें निष्क्रिय करने की कोशिश करते हैं। इसके बाद गैस कटर या अन्य विशेष उपकरणों से एटीएम के सेफ को काटकर नकदी निकालते हैं। यदि मशीन को मौके पर तोड़ना संभव नहीं होता तो पूरा एटीएम उखाड़कर वाहन में लाद लेते हैं और किसी सुनसान स्थान पर ले जाकर उसे खोलते हैं।
गिरोह के कुछ सदस्य बूथ के भीतर रहते हैं, जबकि अन्य बाहर निगरानी करते हैं ताकि पुलिस या राहगीरों की गतिविधि की सूचना तुरंत मिल सके। जांच में यह भी सामने आया है कि ऐसे गिरोह अक्सर नकली या क्लोन नंबर प्लेट वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस ने बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए हैं निर्देश
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने बैंक अधिकारियों और एटीएम सेवा प्रदाताओं के साथ कई दौर की बैठकें की हैं। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने, सभी बूथों में प्रभावी सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित करने और टैम्पर-डिटेक्शन सिस्टम लगाने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे सिस्टम एटीएम से छेड़छाड़ या तोड़फोड़ की कोशिश होते ही बैंक के कंट्रोल सेंटर को अलर्ट भेजते हैं, जिसके बाद पुलिस को तुरंत सूचना देकर समय रहते कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि यदि बैंक सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें तो एटीएम से जुड़ी चोरी और तोड़फोड़ की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।