दिल्ली में घर टूटने के बाद भी नहीं खोएगा वोट देने का हक! जानें कैसे मतदाता सूची में दर्ज होगा नया पता
दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियानों में घर गंवाने वाले लोग अब मतदाता सूची में अपना नया पता दर्ज करा सकते ...और पढ़ें

अतिक्रमण विरोधी अभियानों में घर गंवाने वाले लोग अब मतदाता सूची में अपना नया पता दर्ज करा सकते हैं। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
अतिक्रमण से प्रभावित लोग मतदाता सूची में पता बदल सकते हैं।
नया पता दर्ज कराने के लिए फॉर्म-8 भरना होगा।
सीईओ दिल्ली ने मतदाता अधिकारों पर स्थिति स्पष्ट की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में अतिक्रमण विरोधी अभियानों के दौरान जिन लोगों के घर टूट गए हैं, उनके लिए राहत की खबर है। घर टूटने के बाद दूसरी जगह रहने वाले प्रभावित लोग भी मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें फार्म-8 भरकर नए पते की जानकारी देनी होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) दिल्ली कार्यालय ने वोटर अधिकार मंच की ओर से दिए गए ज्ञापन के जवाब में यह स्थिति स्पष्ट की है। सीईओ कार्यालय के अनुसार जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 19 के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए व्यक्ति का संबंधित क्षेत्र का ‘सामान्य निवासी’ होना जरूरी है।
यदि कोई व्यक्ति किसी कारण से अपने पुराने पते पर नहीं रह रहा है तो वह मतदाता सूची में पता बदलने के लिए फार्म- 8 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। नए पते पर नाम शामिल होने के बाद ही पुराने पते से उसका नाम हटाया जाएगा।
सीईओ कार्यालय ने यह भी बताया कि एसआइआर से पहले चलाए गए मैपिंग अभियान के दौरान अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले और स्थानांतरित पाए गए मतदाताओं को स्पीड पोस्ट के माध्यम से नोटिस जारी किए गए थे।
कार्यालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच और सुनवाई का अवसर दिए बिना किसी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जा सकता। इसके अलावा मतदाताओं को अपने माता-पिता या दादा-दादी के साथ मैपिंग करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई थी।
एसआईआर के दौरान अनुपस्थित स्थानांतरित, दोहरे नाम और मृत श्रेणी में रखे गए मतदाताओं की सूची राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा की गई है। यह सूची सीईओ दिल्ली की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई में घर या पुराना ठिकाना खो चुके मतदाताओं के लिए नए पते के आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने का रास्ता खुला है।
47.5 लाख वोटर लिस्ट से बाहर
राजधानी में 30 जून से 17 अगस्त के बीच घर-घर जाकर सत्यापन का काम किया गया था। इस दौरान 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.5 लाख लोग अपने पते पर नहीं मिले, शिफ्ट हो गए थे या मृत पाए गए। 17 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में ऐसे लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं।
30 सितंबर तक आवेदन का मौका
यदि किसी योग्य मतदाता का नाम 31 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में दर्ज नहीं हो पाया है, तो वह 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियों के तहत आवेदन कर सकता है। नए वोटर के रूप में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6, प्रवासी भारतीयों के लिए फार्म-6A, नाम हटाने या आपत्तियों के लिए फार्म-7 और एड्रेस में बदलाव या सुधार के लिए फार्म-8 भरकर जमा करना होगा। 4 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
