Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल होंगी दिल्ली की सड़कें, PWD तैयार करेगा वैज्ञानिक फ्रेमवर्क

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 09:23 PM (IST)

    लोक निर्माण विभाग (PWD) दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक फ्रेमवर्क तैयार करेगा। इसके लिए स्कूल ऑफ प्लानिं ...और पढ़ें

    लोक निर्माण विभाग (PWD) दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक फ्रेमवर्क तैयार करेगा। इमेज एआई

    लोक निर्माण विभाग (PWD) दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए वैज्ञानिक फ्रेमवर्क तैयार करेगा। इमेज एआई

    HighLights

    1. PWD दिल्ली की सड़कों के लिए वैज्ञानिक फ्रेमवर्क बनाएगा।

    2. SPA और CRRRI को 17.60 करोड़ रुपये स्वीकृत।

    3. सड़क निर्माण में गुणवत्ता और पर्यावरण अनुकूलता बढ़ेगी।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सड़कों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में अब लोक निर्माण विभाग वैज्ञानिक फ्रेमवर्क तैयार करेगा। इसके लिए स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) तथा सीएसआइआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआरआइ) और एसपीए से तकनीकी सलाह ली जाएगी।

    पिछले माह हुए समझौते के बाद अब पीडब्ल्यूडी ने प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति दी है। इन दोनों एजेंसियों के लिए 17 करोड़ 60 लाख 56 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की दी है।

    इस राशि का उपयोग सड़कों के निर्माण व पुनर्सतहीकरण के लिए सुझाव, फील्ड स्टडी, तकनीकी अनुसंधान और मानक दिशा-निर्देश तैयार करने जैसे कार्यों में किया जाएगा। परियोजना के तहत तैयार होने वाली तकनीकी रिपोर्ट, मैनुअल, डेटासेट, सिफारिशें और अन्य दस्तावेज सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद भविष्य में दिल्ली की सड़क परियोजनाओं के लिए मानक संदर्भ के रूप में उपयोग किए जाएंगे।

    प्रधान सचिव (पीडब्ल्यूडी) की मंजूरी के बाद परियोजना के लिए दी गई स्वीकृत में सीआरआरआइ को 16.18 करोड़ रुपये तथा एसपीए को 1.41 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। आदेश के अनुसार मुख्य अभियंता यह सुनिश्चित करेंगे कि जारी की गई धनराशि का उपयोग केवल स्वीकृत परियोजना और उससे संबंधित गतिविधियों पर ही किया जाए।

    परियोजना की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन, उपयोगिता प्रमाण पत्र, लेखा-जोखा और ऑडिट से जुड़े सभी नियमों का पालन भी अनिवार्य होगा।

    अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से राजधानी में सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए वैज्ञानिक, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल मानक विकसित होंगे, जिससे भविष्य की सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।

    यह भी पढ़ें: जंतर-मंतर प्रदर्शन खत्म, फिर भी घंटों ट्रैफिक जाम में फंसी दिल्ली; इन रास्तों पर दिखा सबसे ज्यादा असर

    खबरें और भी