दिल्ली दंगा मामले पर विधानसभा में घमासान, भाजपा ने आप पर लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली विधानसभा में 2020 के दंगों पर भाजपा और आप के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा ने ताहिर हुसैन को दोषी ठहराते हुए फांसी की मांग की, जबकि आप ने भाजपा पर पल ...और पढ़ें

दिल्ली विधानसभा में भाजपा और आम आदमी पार्टी के विधायक आमने-सामने आ गए। (फाइल फोटो)
HighLights
भाजपा ने 2020 दिल्ली दंगों के लिए आप और ताहिर हुसैन को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा विधायकों ने ताहिर हुसैन को फांसी की सजा देने की मांग की।
आप ने भाजपा पर पलटवार करते हुए तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वर्ष 2020 में हुए दंगों को लेकर सोमवार को दिल्ली विधानसभा में भाजपा और आम आदमी पार्टी के विधायक आमने-सामने आ गए। भाजपा विधायकों ने दंगों के लिए तत्कालीन आप सरकार और आप के उस समय के पार्षद ताहिर हुसैन को जिम्मेदार ठहराते हुए हुसैन को फांसी की सजा देने की मांग उठाई। वहीं, आप ने भाजपा पर निशाना साधा।
घोंडा से भाजपा विधायक अजय महावर ने सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि दंगे एक राजनीतिक साजिश का हिस्सा थे और ताहिर हुसैन को इसका मुख्य साजिशकर्ता बताया। उन्होंने हुसैन के घर से पेट्रोल बम मिलने का भी दावा किया।
ताहिर हुसैन दंगाइयों का सरगना था: मोहन सिंह बिष्ट
विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने भी हुसैन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि ताहिर हुसैन दंगाइयों का सरगना था, उसे फांसी हाेगी तभी इन दंगों में मारे गए लोगों को न्याय मिल सकेगा। रोहतास नगर से विधायक जितेंद्र महाजन ने दैनिक जागरण की खबर का उल्लेख कर बताया कि दंगाईयों का उद्देश्य लोगों को भड़काना था।
उन्होंने कहा कि दंगों के भुक्तभोगी लोगों को मुआवजा देने में भी भेदभाव बरता गया। उन्होंने इसकी जांच की मांग की। भाजपा विधायक रविंंद्र नेगी ने सवाल किया कि यह सार्वजनिक होना चाहिए कि हुसैन के कानूनी बचाव का खर्च किसने उठाया।
इसके जवाब में ओखला से आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शन के दौरान मिश्रा के कथित बयान से तनाव बढ़ा था। उन्होंने कहा कि दंगा पीड़ितों को धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि पीड़ित के रूप में मुआवजा दिया था।