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दिल्ली में पैदल यात्रियों को मिलेगी राहत, ओखला और जेएनयू-आईआईटी के पास बनेंगे नए फुट ओवरब्रिज

Updated: Sat, 15 Aug 2026 04:44 PM (IST)

दिल्ली में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए लोक निर्माण विभाग दो नए फुट ओवरब्रिज बनाएगा। ये ओखला मंडी और जेएनयू-आईआईटी गेट के पास बनेंगे, जिनमें सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की सुविधा भी होगी।

दो महत्वपूर्ण स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने की प्रक्रिया शुरू। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दो महत्वपूर्ण स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने की प्रक्रिया शुरू। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. ओखला मंडी और जेएनयू-आईआईटी गेट पर बनेंगे एफओबी।

  2. दोनों एफओबी में सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की सुविधा होगी।

  3. परियोजनाओं पर छह महीने में लगभग 8.44 करोड़ खर्च होंगे।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सड़क पार करने की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने दो महत्वपूर्ण स्थानों पर फुट ओवरब्रिज (एफओबी) बनाने की प्रक्रिया शुरू की है।

इनमें पहला फुट ओवरब्रिज कैप्टन गौर मार्ग पर ओखला मंडी के पास और दूसरा वेदांत देशिका मार्ग पर जेएनयू गेट तथा आईआईटी गेट नंबर-5 के बीच बनाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं में सीढ़ियों के साथ लिफ्ट की सुविधा भी प्रस्तावित है। पीडब्ल्यूडी ने इन दाेनों परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं।

करीब 4.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान

ओखला मंडी के पास बनने वाले फुट ओवरब्रिज पर करीब 4.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें लगभग 4.06 करोड़ रुपये सिविल कार्य और 53.93 लाख रुपये विद्युत कार्य के लिए निर्धारित हैं। परियोजना को पूरा करने के लिए छह महीने की समयसीमा रखी गई है।

वहीं, वेदांत देशिका मार्ग पर प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज की अनुमानित लागत करीब 3.84 करोड़ रुपये है। इसमें 3.28 करोड़ रुपये सिविल कार्य और करीब 56 लाख रुपये लिफ्ट व विद्युत कार्य के लिए हैं। इसकी निर्माण अवधि भी छह महीने निर्धारित की गई है।

तेज यातायात के बीच लोगों को होगी सुरक्षित क्रासिंग उपलब्ध

इन दोनों स्थानों पर फुटओवरब्रिज की जरूरत मुख्य रूप से सड़क पर पैदल आवाजाही और तेज यातायात के बीच लोगों को सुरक्षित क्रासिंग उपलब्ध कराने के लिए है। ओखला मंडी क्षेत्र में बाजार और व्यावसायिक गतिविधियों के चलते पैदल यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है। इसी तरह जेएनयू और आईआईटी क्षेत्र में छात्रों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की नियमित आवाजाही होती है।

लिफ्ट की सुविधा इन पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और भारी सामान के साथ चलने वाले यात्रियों के लिए अधिक उपयोगी बनाएगी। सड़क के स्तर पर पैदल क्रॉसिंग की निर्भरता कम होने से यातायात को भी सुचारू रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इन परियोजनाओं की वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्माण के बाद लोग फुट ओवरब्रिज का नियमित इस्तेमाल करें और इसे सड़क पार करने के लिए सुविधाजनक विकल्प के रूप में स्वीकार करें।

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