ऑपरेशन चक्रव्यूह: 48 घंटे के विशेष अभियान में 149 भगोड़े अपराधियों को पहुंचाया जेल, 175 मामले सुलझे
पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाकर 48 घंटे में 149 घोषित अपराधियों को गिरफ्तार किया। इस अभियान के तहत ...और पढ़ें
-1788888993055_m.webp)
ऑपरेशन चक्रव्यूह: पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने 149 अपराधियों को पकड़ा।
HighLights
पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया।
48 घंटे में 149 घोषित अपराधी गिरफ्तार किए गए।
175 लंबित आपराधिक मामलों का निस्तारण हुआ।
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी जिला पुलिस ने अपराधियों और भगोड़ अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे का विशेष अभियान ऑपरेशन चक्रव्यूह चलाया है। 5 सितंबर तड़के से शुरू यह अभियान 6 सितंबर देर रात तक चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न आपराधिक मामलों में शामिल घोषित अपराधियों का पता लगाना और उन्हें गिरफ्तार करना था।
इस दो दिवसीय गहन अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने कुल 149 घोषित अपराधियों (132 पुरुष और 17 महिलाएं) का पता लगाया और उन्हें गिरफ्तार किया। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 175 लंबित मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण (वर्क आउट) किया गया। इसमें अपराधियों में जहां 81 फरार भगोड़ों को गिरफ्तार किया हया है।
49 अपराधी ऐसे मिले जो किसी अन्य अपराध में पहले से ही न्यायिक हिरासत (जेल) में थे। इसके अलावा 19 ऐसे भगोडे अपराधियों की जानकारी मिली जिनकी मृत्यु हो चुकी है, पुलिस द्वारा सत्यापित नहीं होने के कारण अब तक उसे जीवित मानकर उसकी तलाश की जा रही थी।
सभी थानों के एसएचओ की देखरेख में अंजाम दिया गया
पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने कहा कि ऑपरेशन चक्रव्यूह को पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-II अभिषेक गुप्ता, ऑपरेशन सेल, राजौरी गार्डन, तिलक नगर, पंजाबी बाग और मायापुरी के सहायक पुलिस आयुक्तों और सभी थानों के एसएचओ की देखरेख में अंजाम दिया गया है।
अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए अलग अलग 61 टीमों का गठन किया गया था, जिनमें कुल 191 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इन टीमों ने तकनीकी निगरानी, खुफिया जानकारी, स्थानीय मुखबिरों के नेटवर्क और संभावित ठिकानों पर छापेमारी के जरिए यह सफलता हासिल की।
गिरफ्तार अपराधियों में 18 जघन्य अपराधों, 93 गैर-जघन्य अपराधों, 15 एनआई एक्ट और 39 बिजली अधिनियम के मामले में शामिल पाए गए हैं।
खुफिया जानकारी के बेहतर तालमेल से अंजाम दिया गया
इस विशेष अभियान को तकनीकी सहायता और जमीनी खुफिया जानकारी के बेहतर तालमेल से अंजाम दिया गया। टीमों ने भगोड़ों के पुराने पतों और ठिकानों का भौतिक सत्यापन किया, जेलों में बंद अपराधियों का रिकार्ड खंगाला और क्षेत्र स्तर की पूछताछ के माध्यम से मृत अपराधियों का सत्यापन रिकार्ड तैयार किया।
