दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल चोरी कर बांग्लादेश भेजने वाले अंतरराज्जीय गिरोह का पर्दाफाश, छह गिरफ्तार
उत्तरी दिल्ली पुलिस ने भीड़भाड़ वाले बाजारों से मोबाइल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किय ...और पढ़ें

पुलिस की ओर से बरामद किए गए मोबाइल फोन। फोटो: जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भीड़भाड़ वाले बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों का नाबालिगों से मोबाइल चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर उत्तरी जिले की स्पेशल स्टाफ की टीम ने छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
गिरोह के सभी सदस्य महाराजपुर, साहिबगंज, झारखंड के रहने वाले हैं और साप्ताहिक लगने वाली मार्केट और भीड़-भाड़ वाले बाजारों में खरीदारी करने आए लोगों को टारगेट करते थे। इनके कब्जे से चोरी के 46 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें से 12 मोबाइल फोन अलग-अलग एफआईआर से जुड़े पाए गए।
इसके अलावा चोरी के मोबाइल के परिवहन में प्रयुक्त एक ऑटो रिक्शा भी बरामद किया गया है। जांच में पता चला है कि चोरी किए मोबाइल फोन को झारखंड और बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजा जाता था।
उपायुक्त राजा बांठिया के मुताबिक, 10 अप्रैल की शाम स्पेशल स्टाफ को जानकारी मिली कि मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य चोरी के मोबाइल को ठिकाने लगाने के लिए आइएसबीटी कश्मीरी गेट आने वाले हैं।
सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और कश्मीरी गेट के पास जाल बिछाते हुए आटो रिक्शा को रोका, जिसमें छह लोग बैठे थे। उनकी तलाशी लेने पर कुल 46 मोबाइल फोन मिले। कुछ डिवाइस के आइएमईआइ नंबर पता नहीं चल सके क्योंकि वे लाक थे।
पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया, जिनकी पहचान रोहित कुमार महतो, आलोक कुमार उर्फ अलोपी महतो, शेख शुभान, नंदन कुमार महतो, सोनू कुमार महतो और अनिल कुमार के रूप में हुई।
बांग्लादेश भेजे जाते थे चोरी के मोबाइल
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे महाराजपुर, साहिबगंज, झारखंड के स्थायी निवासी हैं और अभी चमन विहार, डीएलएफ, गाजियाबाद में किराए के कमरे में रह रहे हैं। वे कई सालों से दिल्ली समेत एनसीआर इलाके में मोबाइल चोरी कर रहे थे।
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गिरोह उन लोगों को टारगेट करता था जो साप्ताहिक बाजारों में खरीदारी के लिए आते थे। वे चोरी करने के लिए अपने गांव के नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल करते थे और बाद में एक संगठित नेटवर्क के जरिए चोरी किए गए फोन को ठिकाने लगा देते थे।
चोरी किए गए मोबाइल फोन को तीन पहाड़, साहिबगंज (झारखंड) और कालियाचक, मालदा (बंगाल) के मार्केट के जरिए ले जाया जाता था और आखिर में बांग्लादेश भेज दिया जाता था।
यह भी पता चला कि इस धंधे में एक बड़ा संगठित नेक्सस शामिल है। इस नेटवर्क की पहचान करने और चोरी करने वाले नाबालिगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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