Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बारिश ने दिल्ली के बाजारों का बिगाड़ा हाल, कूचा महाजनी से कनॉट प्लेस तक पानी और बदबू से व्यापारी बेहाल

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 12:16 AM (IST)

    दिल्ली में तीन दिनों की बारिश के बाद जलभराव और सीवर ओवरफ्लो से प्रमुख थोक व खुदरा बाजारों का बुरा हाल है, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो र ...और पढ़ें

    तीन दिन की बारिश से दिल्ली के बाजार जलमग्न।

    तीन दिन की बारिश से दिल्ली के बाजार जलमग्न।

    HighLights

    1. तीन दिन की बारिश से दिल्ली के बाजार जलमग्न।

    2. सीवर ओवरफ्लो से कूचा महाजनी, सदर बाजार प्रभावित।

    3. व्यापारी मांग रहे तत्काल जल निकासी और सफाई।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। बीते तीन दिनों से जारी वर्षा के बीच जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की वजह से दिल्ली के प्रमुख थोक व खुदरा बाजारों का बुरा हाल है। चांदनी चौक के प्रसिद्ध ज्वेलरी मार्केट कूचा महाजनी की चमचमाती दुकानों से लेकर लुटियंस दिल्ली के कनॉट प्लेस तक, व्यापारिक गलियारों में पानी और बदबूदार गंदगी पसरी हुई है। इस जलभराव ने एजेंसियों के जल निकासी व सीवर रखरखाव के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

    लाखों के आर्थिक नुकसान के साथ दुर्गंध से बेहाल व्यापारी

    जलभराव और सीवर के ओवरफ्लो के कारण सबसे विकट स्थिति पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में देखने को मिल रही है। एशिया के सबसे बड़े सराफा बाजारों में शुमार कूचा महाजनी के कई आउटलेट्स में सीवर का बदबूदार पानी घुस गया। करोड़ों के जेवरों से चमकने वाले शोरूमों में जमा इस गंदे पानी से न केवल दुकानदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुर्गंध के कारण दुकानों पर बैठना मुश्किल हो गया है।

    ज्वेलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी योगेश सिंघल ने कहा कि सीवर की सफाई न हो और मरम्मत न होने से पहली बार इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसी तरह, उत्तर भारत के इलेक्ट्रिकल बाजारों में शामिल भागीरथ पैलेस की गलियों में पानी भरने से दुकानों में रखे कीमती बिजली के सामान और वायरिंग किट खराब हो गए हैं।

    पेपर मार्केट चावड़ी बाजार, एशिया के प्रमुख बाजार सदर बाजार के थोक विक्रेताओं के गोदामों व दुकानों के बाहर पानी जमा होने से सामान की लोडिंग-अनलोडिंग प्रभावित है। यहीं नहीं, जलभराव के साथ कीचड़ और गाद से सदर बाजार की सड़कों पर चलना मुश्किल है। कमोबेश यहीं हाल अन्य बाजारों का भी है।

    खबरें और भी

    व्यापारियों ने इस मामले में संबंधित विभागों से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सीवर लाइनें साफ की जाएं और जलभराव से प्रभावित बाजारों में पंप लगाकर पानी निकाला जाए, ताकि भारी आर्थिक नुकसान झेल रहे व्यापारियों को राहत मिल सके।

    ये हैं कारण

    • सीवर की समय पर सफाई न होना: व्यापारियों का सीधा आरोप है कि मानसून पूर्व सीवर लाइनों की डी-सिल्टिंग और सफाई सही ढंग से नहीं की गई।
    • सीवर लाइनों का जाम होना: पुरानी दिल्ली की ढली हुई और पुरानी पड़ चुकी सीवर लाइनें गाद (सिल्ट) से भरी पड़ी हैं। वर्षा के अतिरिक्त दबाव को झेलने में असमर्थ होने के कारण सीवर का पानी ड्रेन होने के बजाय दुकानों के भीतर बैक मार रहा है।
    • सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम का ढलान: कई बाजारों में सड़कों और नालियों के असमान निर्माण के कारण पानी की निकासी की रफ्तार बेहद धीमी है, जिससे घंटों जलभराव बना रहता है।

    यह भी पढ़ें: दिल्ली में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 2 साल का रिकॉर्ड, 8 दिनों में 225.7 MM बरसा पानी