एयरपोर्ट कर्मचारी बन बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा, महिला से 3.03 लाख ठगे
पुलिस ने आइजीआइ एयरपोर्ट कर्मचारी बनकर महिला से 3.03 लाख रुपये ठगने वाले राजीव कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने महिला के बेटे को केबिन क्रू की नौकर ...और पढ़ें

आइजीआइ एयरपोर्ट कर्मचारी बनकर महिला से 3.03 लाख रुपये की ठगी।
HighLights
आइजीआइ एयरपोर्ट कर्मचारी बनकर महिला से 3.03 लाख रुपये की ठगी।
महिला के बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का दिया था झांसा।
आरोपी राजीव कुमार को मधु विहार से पुलिस ने किया गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आइजीआइ एयरपोर्ट का कर्मचारी बनकर महिला के बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3.03 लाख रुपये ठगने वाले 32 वर्षीय आरोपित को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित की पहचान राजीव कुमार के रूप में हुई है। एयरपोर्ट पुलिस ने उसे छह अगस्त को मधु विहार से पकड़ा। वह वहां एक रिटेल स्टोर में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।
पुलिस के अनुसार, महिला की आरोपित से जुलाई 2024 में इंटरनेट मीडिया के जरिये जान-पहचान हुई थी। राजीव ने खुद को आइजीआइ एयरपोर्ट का कर्मचारी बताया और महिला के 20 वर्षीय बेटे को केबिन क्रू की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद उसने सिक्योरिटी डिपॉजिट, दस्तावेज तैयार कराने और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग बहाने से महिला से रुपये मांगे।
पुलिस के मुताबिक, महिला ने 17 सितंबर से 26 दिसंबर 2024 के बीच 16 यूपीआइ लेनदेन के जरिये आरोपित के खाते में कुल 3.03 लाख रुपये भेजे। रकम लेने के बाद आरोपित ने न तो नौकरी लगवाई और न ही महिला से संपर्क रखा। बाद में उसने महिला को इंटरनेट मीडिया पर भी ब्लाक कर दिया।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। पैसों के लेनदेन की जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपित की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने मैदानी स्तर पर सत्यापन कर छह अगस्त को मधु विहार से उसे गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि उसने नौकरी की तलाश कर रहे लोगों का विश्वास जीतने के लिए जानबूझकर खुद को एयरपोर्ट कर्मचारी बताया था और इसी बहाने उनसे रुपये ऐंठता था। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद उसने चैट डिलीट कर दी थी और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल सिम कार्ड भी नष्ट कर दिया।
पुलिस ने आरोपित के कब्जे से एक मोबाइल फोन और ठगी की रकम से जुड़े बैंक संबंधी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपित ने इस तरीके से और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।