दिल्ली में भीषण गर्मी का कहर: हीट वेव के बीच हर दिन औसतन पांच मौत; अकेले मई में अब तक 157 बेघरों की मौत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और हीटवेव के कारण मई माह में 157 अज्ञात बेघरों की मौत हो गई, ...और पढ़ें
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भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच मई माह में 157 अज्ञात बेघरों की मौत हो गई।
HighLights
मई में दिल्ली में 157 अज्ञात बेघरों की मौत।
औसतन प्रतिदिन पांच मौतें, भीषण गर्मी का प्रकोप।
प्रशासनिक लापरवाही, समर एक्शन प्लान का अभाव।
अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में भीषण गर्मी और हीट वेव के बीच मई माह में 157 अज्ञात बेघरों की मौत हो गई, यानी औसतन हर दिन में पांच मौत। अत्यधिक गर्मी, राहत व्यवस्थाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण दिल्ली के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस का जिपनेट डाटा के अनुसार दिल्ली में यह स्थिति किसी एक स्थान की नहीं बल्कि हर जिले की है। मई में दिल्ली के उत्तर जिला में 31, मध्य जिला में 26, रेलवे एवं ट्रांजिट कारिडोर में 21 मौत, उत्तर पश्चिम जिला 18, दक्षिण पूर्वी जिला 11, पूर्वी जिला नौ, उत्तर पूर्व जिला आठ, बाहरी उत्तर जिला सात, दक्षिण पश्चिम जिला सात, दक्षिण जिला.पांच, नई दिल्ली पांच, शाहदरा चार, पश्चम जिला तीन और बाहरी पश्चिम जिले में तीन मौत इस दौरान हुई हैं।
रेलवे और ट्रांजिट कॉरिडोर क्षेत्रों में 21 मौत दर्ज
उत्तर जिले में सबसे अधिक 31, मध्य जिले में 26 मौतें तथा रेलवे और ट्रांजिट कॉरिडोर क्षेत्रों में 21 मौत दर्ज हुई है। कोतवाली, सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, लाहौरी गेट, सराय रोहिल्ला, आइपी एस्टेट, दरियागंज, चांदनी महल, जामा मस्जिद, पहाड़गंज, आनंद विहार रेलवे स्टेशन, सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, रोहिणी, जहांगीरपुरी, आदर्श नगर, बदरपुर, ओखला इंडस्ट्रियल एरिया सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बताए गए हैं। अकेले आइपी एस्टेट थाना क्षेत्र में 10 अज्ञात मौतें दर्ज की गईं।
बेघर आबादी में मृत्यु का प्रमुख कारण हीट स्ट्रेस
राष्ट्रीय राजधानी की इस स्थिति के लिए समर एक्शन प्लान 2026-27 का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने को इसके लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मई माह में दिल्ली का तापमान औसतन 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहा, इस कारण बेघर आबादी में मृत्यु का प्रमुख कारण हीट स्ट्रेस हो सकता है। यह भी आशंका जताई गई है कि मौतों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई मामलों की पहचान और पंजीकरण नहीं हो पाता।
इसे लेकर सेंटर फार होलिस्टिक डेवलपमेंट (सीएचडी) ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिख इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सीएचडी ने आरोप लगाया है कि अत्यधिक गर्मी, राहत व्यवस्थाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण दिल्ली के हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
गर्मी में खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजारने को मजबूर
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली सरकार और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डीयूएसआईबी) को भेजें पत्र में सीएचडी ने आरोप लगाया है कि समर एक्शन प्लान 2026-27 का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा जो दिल्ली की स्थिति को बिगाड़ रहा है। समर एक्शन प्लान 2026-27 का सही क्रियान्वयन न होने से दिल्ली के बाहर से यहां उपचार को आने वाले आर्थिक कमजोर मरीज, उनके तीमारदार और स्वजन इस गर्मी में खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं।
‘समर एक्शन प्लान 2026-27 का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होने से राष्ट्रीय राजधानी में अकेले मई माह में ही 157 अज्ञात बेघरों की खुले आसमान के नीचे मौत हो गई। क्योंकि उन्हें कोई भी अपेक्षित सहायता नहीं मिली। हमने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, दिल्ली सरकार और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड को पत्र लिख कर व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है, ताकि सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही से और जान न जाने पाएं। - सुनील कुमार अलेड़िया, कार्यकारी निदेशक सेंटर फार होलिस्टिक डेवलपमेंट
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