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'ऑनलाइन सरकारी सुविधाओं तक आम नागरिकों की पहुंच के लिए उठाएं कदम', दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी

Updated: Thu, 29 Jan 2026 07:18 AM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को ऑनलाइन सरकारी सुविधाओं, विशेषकर आवास कल्याण योजनाओं तक आम नागरिकों की पहुंच बेहतर बनाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ...और पढ़ें

ऑनलाइन सुविधाओं तक आम लोगों की पहुंच आसान करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी।

ऑनलाइन सुविधाओं तक आम लोगों की पहुंच आसान करने को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हाउसिंग वेलफेयर स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन जैसी ऑनलाइन सरकारी सुविधाओं तक आम नागरिकों की बेहतर पहुंच के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने कहा कि आनलाइन सुविधा बेहतर होने से इन तकनीकी से अपरिचित वरिष्ठ नागरिक से लेकर वंचित ग्रुप के लोग आसानी से इन सेवाओं का फायदा उठा सकेगें।

अदालत ने दिल्ली सरकार के स्थायी अधिवक्ता समीर वशिष्ठ को सुझाव दिया कि ई-कियोस्क सुविधा/हेल्प डेस्क स्थापित करने पर दिल्ली सरकार विचार करे, जो नागरिकों को सरकारी आनलाइन सेवाओं तक पहुंचने में मदद करेगा। अदालत ने सरकार से पूछा कि सरकार डिजिटल गैप को भरने के लिए क्या कर रही है? अदालत ने कहा कि हर कोई तकनीकी से परिचित नहीं है और हर किसी के पास लैपटाप या स्मार्टफोन नहीं होता है।

अदालत ने उक्त टिप्पणी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए की। इसमें वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आवेदकों को वेलफेयर हाउसिंग स्कीम तक पहुंच से सिस्टमैटिक रूप से बाहर रखने का आरोप लगाया गया था।

याचिका में दावा किया गया था कि ये स्कीम वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्तियों और डिजिटली रूप से कमजोर आवेदकों के लिए ठीक नहीं है और केवल अंग्रेजी में पहले आओ पहले पाओ आवंटन तंत्र अपनाती हैं। सुनवाई के दौरान डीडीए ने स्वीकार किया कि योजना केवल अंग्रेजी में उपलब्ध थी और कोर्ट को आश्वासन दिया कि इसे एक सप्ताह के भीतर हिंदी भाषा में भी उपलब्ध कराया जाएगा।

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