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    दिल्ली में जलभराव रोकने को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का सख्त निर्देश, कब तक होगी नालों की सफाई?

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 11:27 PM (IST)

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई और गाद के उचित निस्तारण का निर्देश दिया है ताकि मानसून में जलभराव की समस्या से ब ...और पढ़ें

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई और गाद के उचित निस्तारण का निर्देश दिया है। इमेज एआई

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई और गाद के उचित निस्तारण का निर्देश दिया है। इमेज एआई

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रत्येक वर्ष वर्षा में दिल्लीवासियों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है। जलभराव का एक बड़ा कारण नालों की सफाई सही तरह से नहीं होना और सफाई के बाद गाद उसके किनारे छोड़ देना है। इसके समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 30 जून से पहले नालों की सफाई कर गाद का उचित निस्तारण का निर्देश दिया है।

    उन्होंने मिंटो ब्रिज का उदाहरण देकर सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए काम करने को कहा है। वह स्वयं इसकी निगरानी करेंगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

    सीएम ने क्या-क्या निर्देश दिए

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जलभराव की समस्या के प्रभावी समाधान को लेकर बृहस्पतिवार को दिल्ली सचिवालय में समीक्षा बैठक की। कहा कि सफाई नहीं होने से कचरा नालियों में जमा हो जाता है जिससे पानी का निकास रूक जाता है। इसे ध्यान में सड़कों, गलियों, बाजारों, कॉलोनियों आदि में सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा।

    लगातार निगरानी व कमियों की पहचान कर दूर करने से पिछले वर्ष मानसून के दौरान मिंटो रोड पर जलभराव नहीं हुआ था। इस बार भी एक-दूसरे पर दोषारोपण करने की जगह विभिन्न विभागों को मिलकर और समन्वय से कार्य करना होगा। इसे लेकर शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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    उन्होंने अधिकारियों को जलभराव को लेकर संवेदनशील स्थलों की पहचान कर मानसून से पहले उचित व्यवस्था कर लें। ऐसी व्यवस्था पर काम करने को कहा जिससे पानी निकालने के लिए पंपों का कम से कम प्रयोग करना पड़े। क्योंकि, वर्षा के दौरान पंपों के खराब होने से समस्या होती है।

    इसके लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा। आवश्यकता अनुसार आधुनिक मशीन खरीदी जाए। कुछ क्षेत्रों में पंप आवश्यक हो सकते हैं, लेकिन उन पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इसके लिए सभी विभागों को ड्रेनेज मास्टर प्लान पर तेजी से काम करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्षा के दौरान वे अभियंताओं और नीचे के स्टाफ से लगातार संपर्क में रहें क्योंकि जलभराव की जानकारी और उसका निदान ही उन्हें करना होता है। वह स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दौरा करेंगी ताकि वस्तुस्थिति की जानकारी पता चल सके।

    बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली छावनी बोर्ड सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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