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    विदेश से ऑपरेट हो रहा दिल्ली का क्राइम नेटवर्क, राशिद गैंग के 6 खतरनाक बदमाश गिरफ्तार; पढ़ें पूरी 'आपराधिक कुंडली'

    Updated: Mon, 11 May 2026 10:45 PM (IST)

    क्राइम ब्रांच ने यमुनापार में राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गिरोह के छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ...और पढ़ें

    अपराधियों की एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर

    अपराधियों की एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. क्राइम ब्रांच ने यमुनापार से 6 बदमाश गिरफ्तार किए।

    2. बदमाश विरोधियों से बदला लेने, वर्चस्व बढ़ाने को जुड़े थे।

    3. रंगदारी, अवैध हथियार, गोलीबारी जैसे अपराधों में शामिल थे।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच ने यमुनापार के कुख्यात गैंग्सटर राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गिरोह के जिन छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है वे सभी अपने-अपने विरोधियों से बदला लेने के अलावा इलाके में वर्चस्व बढ़ाने के उद्देश्य से जुड़े थे। लंबे समय से देश से फरार राशिद केबल वाला को भी केंद्रीय एजेंसियां भारत नहीं ला पा रही है।

    जिससे विदेश से वह यमुनापार में रंगदारी रैकेट समेत तमाम तरह के संगठित अपराध को चला रहा है।उसे पिछले साल मलेशिया की पुलिस ने पकड़ तो लिया था। इसकी जानकारी केंद्रीय एजेंसियों व दिल्ली पुलिस को मिलने के बावजूद उसे भारत नहीं लाया जा सका। जिससे कुछ समय बाद वह मलेशिया पुलिस के चंगुल से भागने में भी सफल हो गया।

    राशिद के जिन छह गुर्गे गिरफ्तार 

    क्राइम ब्रांच ने राशिद के जिन छह गुर्गे को गिरफ्तार किया है उनमें नवाजिश, पहले कपड़े के व्यवसाय करता था। 2019 में उसके परिवार का पड़ोस में रहने वाले महताब से विवाद होने पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। जेल में रहने के दौरान वह राशिद गिरोह के संपर्क में आ गया।

    इसके बाद उसने इलाके के बदमाश माज़, अफ़्फ़ाक और अन्य से आपराधिक संबंध बना लिए। 2024 में अफ़्फ़ाक के कहने पर उसने प्रीत विहार स्थित ''ब्लैक पैंथर कैफे'' पर गोलीबारी की। अब वह अपने साथियों के साथ मिलकर सट्टा गतिविधियों में सक्रिय था और गिरोह के लिए स्थानीय क्लबों से हर माह रंगदारी वसूल रहा था।

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    वह गिरोह के अवैध हथियारों की देखरेख करता था। उसी की निशानदेही पर चार अत्याधुनिक पिस्टल, एक राइफ़ल व 53 कारतूस बरामद किए गए। वह साथियों के साथ मिलकर किशोरों को अवैध हथियार देकर उन्हें अपने गिरोह में शामिल होने के लिए लुभाता था।

    बदमाशों के क्राइम हिस्ट्री

    इसपर पहले के तीन केस दर्ज हैं। माज को मामा आदिल नाम के बदमाश के साथ चल रहे विवाद के कारण अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा था। इसलि सिग्नल एप के जरिए वह राशिद के संपर्क में आ गया और उसके लिए काम करना शुरू कर दिया था। वह भी गिरोह के लिए स्थानीय क्लबों से हर महीने रंगदारी वसूलता था। इसपर पहले का एक केस दर्ज है।

    इमरान की पड़ोस में रहने वाली एक महिला को लेकर शेवर नाम के व्यक्ति से रंजिश थी। रंजिश के चलते इमरान ने शाहनवाज नाम के बदमाश के साथ मिलकर 2011 में शेवर की हत्या कर दी। इस मामले में वह 2013 तक जेल में रहा। वह पहले भी हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में शामिल रहा है। वेलकम में 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में भी वह शामिल था। वह घोषित अपराधी है।

    राशिद के निर्देश पर वह गिरोह की वित्तीय गतिविधियों को संभालता था। इसपर पहले के छह केस दर्ज हैं। फैज़ कुरैशी ने दिसंबर 2022 में, ''बी वाइन्स क्लब'', क्रास रिवर मॉल में विवाद के दौरान साथियों के साथ मिलकर क्लब के एक बाउंसर पर गोली चला दी थी। उक्त मामले में जेल से बाहर आने के बाद वह नवाजिश, माज और अफ्फाक के साथ मिलकर सट्टा का धंधा करने लगा गिरेह की ओर से स्थानीय क्लबों से मासिक रंगदारी वसूलने लगा।

    इसपर पहले का एक केस दर्ज है। अफ्फाक ने भी राशिद के निर्देश पर ''ब्लैक पैंथर कैफे'', प्रीत विहार में गोली चला दी थी। अरशद के पिता का पड़ोसी के बीच झगड़ा होने उसने पड़ोसी पर गोली चला दी थी। जेल से बाहर आते ही उसने राशिद से हाथ मिला लिया। इसके कब्जे से अवैध हथियार और 81 कारतूस बरामद किए गए।

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