विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में घर बनाना होगा आसान, इन कॉलोनियों के मकानों को भी मिलेगा पुनर्निर्माण का अधिकार

Published: Wed, 12 Aug 2026 10:42 PM (IST)

डीडीए बोर्ड ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी दी, साथ ही पुरानी दो-मंजिला इमारतों के पुनर्विकास और नरेला मेट्रो ...और पढ़ें

डीडीए बोर्ड ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी दी। फाइल फोटो

डीडीए बोर्ड ने दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को मंजूरी दी। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को स्वीकृति देने के अलावा बुधवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की बोर्ड बैठक में राजधानी के विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े कई अन्य फैसलों पर भी मुहर लगाई गई। इस दौरान पुरानी दो-मंजिला रिहाइशी इमारतों को फिर से बनाने की नीति, नरेला तक मेट्रो के विस्तार के लिए भू उपयोग में बदलाव और व्यवसाय को आसान बनाने के लिए नए नियमों को मंजूरी दी गई। बैठक में डीडीए उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार समेत प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।

पुरानी दो-मंजिला इमारतों को फिर से बनाने का रास्ता साफ/B

दिल्ली के नारायणा विहार जैसी कई पुरानी डीडीए कालोनियों में बने दो-मंजिला मकानों के मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। ये मकान 50 साल से भी अधिक पुराने हो चुके हैं और जर्जर हालत में हैं। निवासियों और जनप्रतिनिधियों की लंबे समय से चल रही मांग को ध्यान में रखते हुए डीडीए ने इनके पुनर्विकास के लिए एक समान नीति को मंजूरी दे दी है।

इस फैसले के बाद अब दो-मंजिला मकानों को भी खाली प्लाट के बराबर ही पुनर्निर्माण के अधिकार मिलेंगे। हालांकि, नया निर्माण सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों, तय ऊंचाई और स्वीकृत एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) के तहत ही किया जा सकेगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर : नरेला में बनेगा मेट्रो डिपो

उत्तर-पश्चिम दिल्ली और हरियाणा के यात्रियों के लिए सफर अब और आसान होने जा रहा है। डीडीए ने नरेला उप-शहर (जोन पी-I) में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के मेट्रो डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन के उपयोग में बदलाव को हरी झंडी दे दी है। दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन का रिठाला से हरियाणा के कुंडली तक विस्तार बड़ा बदलाव लाएगा।

इससे रोहिणी, नरेला और आसपास के इलाकों से हरियाणा आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का समय बचेगा। इसके अलावा, इस मेट्रो लाइन से नरेला के नए आवासीय प्रोजेक्ट्स, प्रस्तावित यूनिवर्सिटी हब और स्थानीय व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा। सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने से प्रदूषण में भी कमी आएगी।

घर और बिजनेस बनाना हुआ आसान : यूबीबीएल-2016 में सुधार

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार सुगमता) को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत भवन उप-विधि (यूबीबीएल)-2016 में बड़े संशोधन किए गए हैं। अब भवन निर्माण योजना (बिल्डिंग प्लान) पास कराने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया गया है।

नए नियमों के तहत अब बिल्डिंग परमिट पाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), चीफ इंस्पेक्टर आफ फैक्ट्रीज़ और वन विभाग से पहले से ''अनापत्ति प्रमाणपत्र'' (एनओसी) लेने की मजबूरी को खत्म कर दिया गया है। इससे कागजी कार्रवाई में लगने वाला समय बचेगा और प्रोजेक्ट्स को तेजी से मंजूरी मिल सकेगी।

शहर के विकास से जुड़े अन्य अहम फैसले

बैठक में दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए कुछ अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई:-

  • रोशनपुरा गांव में भारतीय पशु-चिकित्सा परिषद के मुख्यालय निर्माण के लिए करीब 1.97 एकड़ जमीन का उपयोग ''आवासीय'' से बदलकर ''सार्वजनिक'' किया जाएगा।
  • सरोजिनी नगर में स्थित ''वाई'' प्लाट की 24,400 वर्गमीटर जमीन को रेलवे से आवासीय उपयोग में बदला गया है।
  • कोपरनिक्स लेन स्थित बंगले (नंबर 12, 14, 16) में उच्च शिक्षा और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन को मंजूरी दी गई।
  • गाजीपुर (आइएफसी) के पाकेट-सी में कचरे से बिजली बनाने वाले प्लांट और पाकेट-बी में पार्क के लिए जमीन के उपयोग में बदलाव को मंजूरी दी गई, जिससे दिल्ली को साफ और हरा-भरा बनाने में मदद मिलेगी।
  • मंगोलपुरी (फेज-1) और केशोपुर औद्योगिक क्षेत्र की अधिसूचना रद्द कर उनके बेहतर रखरखाव का रास्ता साफ किया गया।


ये सभी बदलाव दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और आम जनता के जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे।

यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में पुलिस का मेगा नाइट ऑपरेशन, आयुक्त खुद सड़कों पर उतरे