'महिला बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं...AAP ने किए 30 हजार करोड़ के घोटाले', लक्ष्मी योजना पर CM रेखा गुप्ता का जवाब
दिल्ली विधानसभा में लक्ष्मी योजना की शर्तों, खासकर 'तीन बच्चों' वाली शर्त पर भाजपा और आप विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजन ...और पढ़ें
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आम आदमी पार्टी के विधायकों की ओर से लक्ष्मी योजना की पात्रता वाली शर्तों का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने करारा जवाब दिया है। एआई इमेज
HighLights
"महिलाएं बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं", सीएम रेखा गुप्ता का बयान।
लक्ष्मी योजना की शर्तों पर आप विधायकों ने किया सदन से वॉकआउट।
सीएम ने पूर्व आप सरकार पर 30000 करोड़ घोटाले का आरोप।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को लक्ष्मी योजना की शर्तों को लेकर भाजपा और आप विधायकों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगे। इस योजना पर जैसी ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी बात रखनी शुरू की तो विपक्ष हंगामा करने लगा। सीएम का जवाब सुनने से पहले ही आप विधायकों ने सदन का वॉकआउट कर दिया। तीन बच्चों की मां को अपात्र मानने वाली शर्त पर उन्होंने कहा, 'महिलाएं बच्चा पैदा करने वाली मशीन नहीं हैं।'
विपक्ष में नहीं है सुनने का जवाब
आप विधायकों द्वारा हंगामा करते हुए सदन से जाने के बाद सीएम ने कहा, 'विपक्ष के सदस्यों को उनके द्वारा उठाए गए सवालों पर मैं एक-एक पर जवाब देना चाहती थी, मगर उनमें हिम्मत नहीं है सुनने की और वे सब बाहर चले गए।' मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना ऐतिहासिक है।
सदन की कार्यवाही करनी पड़ी स्थगित
उन्होंने महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं घर चलाने के लिए एक-एक पैसा जोड़ती हैं और उसे बचाकर रखती हैं और जब कोई कष्ट आता है कोई परेशानी आती है तो वह पैसे को लाकर सामने लाती हैं और जरूरत पूरी की जाती है। यह दिल्ली लक्ष्मी योजना उन महिलाओं के लिए है।' वहीं, सदन में विपक्ष का हंगामा बढ़ने के बाद कार्यवाही 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सीएम रेखा गुप्ता ने गिनाई उपलब्धियां
विपक्ष द्वारा तीन बच्चों वाली महिलाओं की शर्त लगाए जाने को मुद्दा उठाए जाने पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि महिलाएं केवल बच्चा पैदा करने की मशीन नहीं है उनके स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है। महिलाएं किसी भी धर्म की हों, हम ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करते जो महिलाओं को बच्चा पैदा करने की मशीन समझते हैं। योजना में शर्त लगाई गई है जिसके चलते इस पैसे से सिगरेट, शराब नहीं खरीदी जा सकती है, बहन बेटी केवल घर की जरूरत की चीज खरीदेगी।
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पूर्व सरकार में हुआ तीस हजार करोड़ का घोटाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सवाल उठा रहा है कि सभी महिलाओं को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा रही। कहा कि हम तो सभी महिलाओं को देने की तैयार थे लेकिन पूर्व में रही आम आदमी पार्टी सरकार ने दिल्ली की हालात ऐसे पैदा कर दिए हैं कि यह सबको देना संभव नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकार ने 30 हजार करोड़ का घोटाला किया है जिसका खामियाजा अब दिल्ली की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
17 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना में हमने 17 लाख महिलाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा है, जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता है पोर्टल रुकेगा नहीं। मुख्यमंत्री कहा कि विपक्ष के जो सदस्य योजना का विरोध कर रहे हैं, वह अपने इलाके में से आने वाली महिलाओं के साइन करने से मना करके दिखाएं तब उन्हें पता चल जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बेटी को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाएं बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई बेटी विज्ञान की पढ़ाई चुनती है, इंजीनियर बनती है, अपना स्टार्टअप या व्यवसाय शुरू करती है अथवा अपने दम पर जीवन में नई उपलब्धियां हासिल करती है, तो वह गर्व से कहती है "First in My Bloodline"
उन्होंने कहा कि यही हर बेटी के सशक्तिकरण की वास्तविक पहचान है और दिल्ली सरकार इस विश्वास को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हर बहन और हर बेटी की गरिमा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और सपनों की रक्षा के लिए दिल्ली सरकार सदैव उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी महिला को केवल संतान को जन्म देने के दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य और सम्मान दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी सोच के साथ दिल्ली लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों की पात्रता संबंधी शर्त रखी गई है, ताकि महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नियम किसी धर्म, जाति या वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी पात्र महिलाओं पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं के हितों की रक्षा करना है और इस विषय पर किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल वॉलेट के माध्यम से मिलने वाली सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली की महिलाएं पूरी तरह सक्षम हैं और डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग करना जानती हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में डिजिटल भुगतान आम जीवन का हिस्सा बन चुका है और उन्हें विश्वास है कि दिल्ली की महिलाएं भी इसका सहजता से लाभ उठाएंगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सदन में महिलाओं के सम्मान और गरिमा के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी, अशोभनीय व्यवहार या आपत्तिजनक इशारे लोकतांत्रिक मूल्यों और सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के सम्मान की रक्षा सभी जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विपक्ष पर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताओं के कारण आज भी अनेक कल्याणकारी भुगतान प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।