एटीएम से पैसे नहीं निकले पर खाते से कटे, बैंक को ग्राहक को 49600 रुपये देने का आदेश
दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने पंजाब एंड सिंध बैंक को एटीएम से नकदी न निकलने पर भी खाते से रकम कटने ...और पढ़ें

एटीएम से पैसे नहीं निकलने पर लगा बैंक पर ग्राहक को रुपये दने का आदेश। (एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने बैंक को 49,600 रुपये देने का आदेश।
एटीएम से नकदी न निकलने पर भी खाते से रकम कटी थी।
बैंक की सेवा में कमी मानते हुए ग्राहक को मुआवजा दिया गया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एटीएम से नकदी नहीं निकलने के बावजूद खाते से रकम कटने के मामले में दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पंजाब एंड सिंध बैंक को ग्राहक को कुल 49,600 रुपये देने का आदेश दिया है।
आयोग ने बैंक को 10 हजार रुपये की मूल राशि लौटाने के साथ देरी के लिए 29,600 रुपये मुआवजा, मानसिक पीड़ा व उत्पीड़न के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपये देने का निर्देश दिया है।
आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ ने जितेंद्र सिंह की शिकायत पर यह आदेश दिया। आदेश में आयोग ने कहा कि तय अवधि में रकम वापस नहीं करना सेवा में कमी है। ग्राहक को अपने ही पैसे के इस्तेमाल से वंचित रहना पड़ा और उसे बैंक में बार-बार शिकायत करने के अलावा आयोग का रुख करना पड़ा।
एक्सिस बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास
मामला पांच दिसंबर 2022 का है। जितेंद्र सिंह ने गाजियाबाद स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से 10 हजार रुपये निकालने का प्रयास किया था। उनके अनुसार लेनदेन का संदेश तो मिला और बैंक खाते से रकम भी कट गई, लेकिन एटीएम से नकदी नहीं निकली।
पंजाब एंड सिंध बैंक ने आयोग को बताया कि शिकायत दर्ज कर उसे एक्सिस बैंक को भेजा गया था। हालांकि, एक्सिस बैंक ने लेनदेन को सफल बताते हुए शिकायत खारिज कर दी। बाद में मामला एटीएम सेल और मध्यस्थता प्रक्रिया तक पहुंचा, लेकिन वहां भी दावा खारिज कर दिया गया।
आयोग ने पाया कि बैंक नकदी निकलने का कोई ठोस तकनीकी रिकार्ड पेश नहीं कर सका। बैंक की ओर से एटीएम जर्नल, कैश बैलेंसिंग रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक जर्नल, सीसीटीवी फुटेज या स्विच स्तर पर मिलान की रिपोर्ट पेश नहीं की गई। ऐसे में केवल इलेक्ट्रानिक सिस्टम में लेनदेन का सफल दर्ज होना यह साबित नहीं करता कि ग्राहक को वास्तव में नकदी मिली थी।
पांच दिन में राशि लौटाना जरूरी
आयोग ने भारतीय रिजर्व बैंक के असफल एटीएम लेनदेन संबंधी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि खाते से रकम कटने और नकदी नहीं मिलने पर बैंक को अधिकतम पांच दिनों में राशि वापस करनी होती है। इसके बाद देरी होने पर प्रतिदिन 100 रुपये मुआवजा देना होता है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि बैंकों के बीच रकम की जिम्मेदारी को लेकर कोई विवाद हो, उसका नुकसान ग्राहक को नहीं उठाना पड़ेगा। बैंक को 45 दिनों के भीतर राशि का भुगतान करना होगा। ऐसा नहीं करने पर बकाया रकम पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।
