विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

झील से पुराना किला की ऐतिहासिक स्मारक को खतरा? ASI शुरू करने जा रहा है साइंटिफिक स्टडी

Published: Sat, 01 Aug 2026 01:05 PM (IST)

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) पुराना किला के समीप विकसित झील का स्मारक की संरचना पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का ...और पढ़ें

एक बुर्ज के ढहने की घटना के बाद ASI ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। फोटो: आर्काइव

एक बुर्ज के ढहने की घटना के बाद ASI ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. एएसआइ पुराना किला की झील का वैज्ञानिक अध्ययन करेगा

  2. हाल ही में किले का एक बुर्ज ढहने के बाद यह कदम

  3. झील के पानी का स्मारक की नींव पर असर जांचा जाएगा

वीके शुक्ला, नई दिल्ली। पुराना किला के समीप विकसित की गई झील का स्मारक की संरचना पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) वैज्ञानिक अध्ययन कराएगा।

हाल ही में किले की झील की ओर स्थित एक बुर्ज के ढहने की घटना के बाद ASI ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।

अध्ययन के दौरान यह जांच की जाएगी कि झील के कारण किले की नींव, दीवारों या अन्य संरचनात्मक हिस्सों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है।

क्या पुराना किले पर पड़ रहा असर?

ASI इस अध्ययन के लिए संरचनात्मक इंजीनियरों, भू-वैज्ञानिकों, जल विज्ञान और संरक्षण विशेषज्ञों की राय ले रहा है। विशेषज्ञ किले के आसपास की मिट्टी, भूजल स्तर, नमी और संरचना की स्थिति का परीक्षण करेंगे।

यदि झील का पानी स्मारक की नींव या दीवारों को प्रभावित करता पाया गया तो उसके अनुरूप संरक्षण संबंधी कदम उठाए जाएंगे।

क्या थी किले के आसपास की व्यवस्था?

परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि ऐतिहासिक अभिलेखों और पुरातात्विक साक्ष्यों के अनुसार पुराना किला के आसपास वर्तमान स्वरूप की कोई झील नहीं थी।

किले की सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर एक गहरी खाई बनाई गई थी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर पानी भरा जाता था ताकि दुश्मन आसानी से किले तक न पहुंच सके। बाद के वर्षों में इस क्षेत्र का स्वरूप बदला और झील विकसित की गई।

बुर्ज गिरने की वजह क्या थी?

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों झील की ओर स्थित किले का एक बुर्ज अचानक ढह गया था। इसके बाद संरक्षण व्यवस्था और संरचना की मजबूती को लेकर सवाल उठे है।

ASI अब यह भी पता लगाने का प्रयास करेगा कि बुर्ज के गिरने के पीछे केवल समय और प्राकृतिक क्षरण जिम्मेदार थे या झील से जुड़े भू-वैज्ञानिक अथवा जल संबंधी कारणों की भी कोई भूमिका रही। अध्ययन की रिपोर्ट के आधार पर आगे की संरक्षण रणनीति तैयार की जाएगी।

यह भी पढ़ें- ईशा फाउंडेशन केस में दिल्ली HC से नक्कीरन पब्लिकेशन्स को झटका, यूट्यूब से हटेंगे मानहानि वाले 49 वीडियो