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    दिल्ली में सोसायटी का अध्यक्ष निकला 200 गाड़ियां चुराने वाले गैंग का बॉस, पुलिस ने 5 पर लगाया मकोका

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 05:49 PM (GMT+05:30)

    क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरी के बड़े सिंडिकेट के सरगना अमित नागर और साथियों पर मकोका लगाया है। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर से 200 से अधिक वाहन चोरी कर पूर्वो ...और पढ़ें

    वाहन चोर गिरोह पर दिल्ली पुलिस ने कसा शिकंजा। फोटो: एआई जनरेटेड

    वाहन चोर गिरोह पर दिल्ली पुलिस ने कसा शिकंजा। फोटो: एआई जनरेटेड

    HighLights

    1. वाहन चोरी सिंडिकेट सरगना अमित नागर पर मकोका लगा

    2. गिरोह ने दिल्ली-एनसीआर से 200 से अधिक वाहन चुराए

    3. रोहिणी सोसाइटी अध्यक्ष बनकर पुलिस को पांच साल चकमा दिया

    राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली समेत पड़ोसी राज्यों में कई सालों से वाहन चोरी का संगठित अपराध चलाने वाले कुख्यात अमित नागर और उसके पूरे सिंडिकेट पर क्राइम ब्रांच ने मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लगा दिया है।

    पुलिस का दावा है कि यह गिरोह बीते वर्षों में एनसीआर से 200 से अधिक वाहन चोरी कर उन्हें पूर्वोत्तर समेत अलग-अलग राज्यों में बेच चुका है। बुलंदशहर के रहने वाले सरगना अमित पर अकेले 50 से अधिक वाहन चोरी के केस हैं।

    यूपी पुलिस से बचने और अपने आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के मकसद से उसने कई साल पहले रोहिणी सेक्टर-29 को नया ठिकाना बना लिया था और यहां की क्रिएटिव हाईट्स आवासीय सोसाटी का अध्यक्ष बना हुआ था।

    पांच साल से पुलिस को चकमा दे रहा था अमित

    डीसीपी, क्राइम ब्रांच, संजीव कुमार यादव के मुताबिक हाल ही में क्राइम ब्रांच ने प्रमोद नागर (बुलंदशहर), अशरफ सुल्तान (मेरठ), एटम नागर सिंह (इंफाल, पूर्वी मणिपुर) व पोत्संगबाम मुकेश सिंह (इंफाल ईस्ट, मणिपुर) को अलग-अलग समय में अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया था।

    इनसे पूछताछ में अमित नागर के बारे में पता चला, जो पांच साल से पुलिस को चकमा दे रहा था। उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

    जांच में सामने आया संगठित अपराध का नेटवर्क

    जांच में गिरोह के संगठित अपराध में लिप्त होने की जानकारी मिलने पर बीते 10 जुलाई को एसीपी संजय कुमार नागपाल ने डीसीपी संजीव कुमार यादव के माध्यम से मकोका लगाने का प्रस्ताव रखा। इस गिरोह पर मकोका लगाने की स्वीकृति मांगी गई।

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    गिरोह लगातार गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाया गया क्योंकि गिरोह के गुर्गों पर दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम में कई मामले दर्ज पाए गए।

    सरकारी लोक अभियोजक की कानूनी राय के बाद क्राइम ब्रांच ने अमित नागर समेत उसके गुर्गे प्रमोद नागर (गांव अट्टा, बुलंदशहर), अशरफ सुल्तान (लोहिया नगर, खरखौदा, मेरठ), एटम नागर सिंह, (इंफाल, पूर्वी मणिपुर) व पोत्संगबाम मुकेश सिंह खुराई (इंफाल ईस्ट,मणिपुर) पर मकोका लगा दिया।

    वाहन चोरी से कमाई, अलग-अलग राज्यों में सप्लाई

    पुलिस अधिकारी का कहना है कि संगठित अपराध का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ कमाना है। इसके लिए यह गिरोह वाहन चोरी का नेटवर्क चलाता था और अपने गिरोह के बदमाशों के माध्यम से चोरी किए गए वाहनों की देश के अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करता था।

    जांच से पता चला कि अमित, केवल अपने पुराने गुर्गों पर निर्भर नहीं था बल्कि दिल्ली, मणिपुर, मेरठ, मुरादाबाद और संभल से नए गुर्गों को भी अपराध की ओर आकर्षित कर गिरोह में शामिल करता था।

    कई छोटे गिरोहों से संपर्क, समूहों में बंटा था नेटवर्क

    अमित नागर का देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय कई छोटे आपराधिक गिरोहों से संपर्क है। उसका गिरोह कई समूहों में बंटा हुआ है और ये समूह अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से वाहन चोरी तथा चोरी किए गए वाहनों को ठिकाने लगाने जैसी गतिविधियों को अंजाम देते थे।

    वाहनों को बेचकर अर्जित की गई संपत्तियों से वह सिंडिकेट को मजबूत कर रहा था।

    दस साल में कई आरोपपत्र दाखिल

    अमित नागर और उसके गुर्गों के खिलाफ पिछले दस वर्षों की अवधि में दिल्ली व अन्य राज्यों की अदालतों में एक से अधिक आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं।

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