जेएनयू की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आइशे घोष पर कोर्ट ने लगाया हजार रुपये जुर्माना
पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष आइशे घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद कर दिया। कोर्ट ने प्रक्रिया का पालन न करने पर उन पर ...और पढ़ें

आइशे घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट रद कर दिया।
HighLights
जेएनयू की पूर्व अध्यक्ष आइशे घोष का वारंट रद्द।
कोर्ट ने प्रक्रिया उल्लंघन पर ₹1000 का जुर्माना लगाया।
मामला 2021 के प्रदर्शन से जुड़ा है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) की पूर्व अध्यक्ष और एसएफआई नेता आइशे घोष के कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने के बाद उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) रद कर दिया। लेकिन प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विजयश्री राठौर ने इससे पहले वारंट के अमल पर अंतरिम रोक लगाते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया था। यह मामला वर्ष 2021 में बाराखंभा रोड थाना में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। आरोप है कि एक प्रदर्शन के दौरान आइशे घोष ने सरकारी अधिकारी के आदेशों का उल्लंघन किया था। इसी मामले में अदालत ने 11 अप्रैल 2026 को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।
आइशे घोष की ओर से वारंट रद करने का आवेदन दायर किया गया था। आवेदन में कहा गया कि वह अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण पिछली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित नहीं हो सकीं।
सुनवाई की तारीख की सूचना फोन पर दी गई
इससे पहले वारंट जारी करते समय अदालत ने कहा था कि पुलिस वारंट तामील नहीं करा सकी क्योंकि आइशी घोष दिए गए पते पर नहीं मिलीं। हालांकि रिकॉर्ड में यह भी दर्ज था कि उन्हें सुनवाई की तारीख की सूचना फोन पर दी गई थी। इसके बाद अदालत ने पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के माध्यम से नया गैर-जमानती वारंट जारी किया था।