वर्ल्ड कप 2027 के नए फॉर्मेट पर मचा बवाल, ICC के फैसले से भड़के दो क्रिकेट बोर्ड; लगाए गंभीर आरोप
वर्ल्ड कप 2027 के नए फॉर्मेट पर बवाल मचा हुआ है। दो क्रिकेट बोर्ड आईसीसी से नाराज दिखे हैं और उन्होंने क्रिकेट की शीर्ष संस्था की जमकर आलोचना की है। ...और पढ़ें

वर्ल्ड कप 2027

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने वर्ल्ड कप 2027 के लिए हाल ही में नए फॉर्मेट का एलान किया था। विश्व कप में 14 टीमें खेलने वाली हैं लेकिन इससे पहले आईसीसी ने पहली बार सुपर सीरीज कराने का फैसला किया है। इससे दो क्रिकेट बोर्ड भड़क गए हैं और साथ में मिलकर आईसीसी की आलोचना की है। उन्होंने आईसीसी के नए फॉर्मेट पर आपत्ति जताई है।
आईसीसी ने नए फॉर्मेट का एलान, ऐसे समय में किया, जब विश्व कप में 18 मीहने से भी कम समय बचा हुआ था। ऐसे में क्रिकेट स्कॉटलैंड और रॉयल डच क्रिकेट एसोसिएशन ने टाइमिंग को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे एसोसिएशट मेंबर्स पर फर्क पड़ सकता है। दोनों बोर्डों ने साथ में बयान साझा किया कि इससे क्रिकेट को ग्लोबल बनाने में मदद नहीं मिल पाएगी।
आईसीसी ने वर्ल्ड कप 2027 के लिए बनाया नया फॉर्मेट
आईसीसी ने विश्व कप 2027 के लिए नया फॉर्मेट बनाया है। टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी लेकिन उससे पहले सुपर सीरीज खेली जाएगी, जो 3 टीमों के बीच होगी। इसके बाद टूर्नामेंट 12 टीमों को रह जाएगा, जिन्हें दो ग्रुप में बांट दिया जाएगा। दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें अगले राउंड यानी सुपर-7 के लिए क्वालीफाई कर लेंगी। इसके अलावा सातवीं टीम के तौर पर दोनों ग्रुप में से चौथे स्थान की जिस टीम का प्रदर्शन बेहतर होगा, उसे अगले राउंड में जगह मिलेगी। सुपर-7 राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा, जहां सभी टीमें आपस में एक-एक मैच खेलेंगी।
स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने जारी किया बयान
स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स ने साझा बयान जारी करते हुए कहा, "स्कॉटलैंड और नीदरलैंड आईसीसी द्वारा लिए गए हाल के फैसलों से बहुत निराश हैं। आईसीसी ने टूर्नामेंट के फॉर्मेट और क्वालीफिकेशन को लेकर कई बदलाव किए हैं, जबकि टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है। ये बदलाव एसोसिएशट मेंबर्स के लिए बड़ा झटका है और क्रिकेट को ग्लोबल बनाने की मदद में खतरा है।"
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ICC को लेनी चाहिए थी सलाह
साझा बयान में आगे कहा गया, "इस तरह के फैसले, जो एसोसिएशट देशों पर सीधे प्रभाव डालते हैं, उसको लेकर सलाह करनी चाहिए। टूर्नामेंट शुरू होने में 18 महीने से भी कम समय बचा है। इन बदलावों का असर उन परिस्थितियों में खुद को डालने में बाधा बनती है। हमारा मानना है कि एसोसिएशट देशों के साथ मिलकर काम किया जा सकता है।"