MS Dhoni और ऋद्धिमान साहा ने खत्म कर दिया इस विकेटकीपर का करियर, विराट कोहली को छोड़ चुका था पीछे, जानिए कौन है ये विश्व विजेता
Who is Shreevats Goswami: इस खिलाड़ी ने विराट कोहली के साथ मिलकर 2008 में भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम रोल निभाया था।

श्रीवत्स गोस्वामी को नहीं मिल पाया मौका

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एमएस धोनी जब तक टीम इंडिया में रहे हिंदुस्तान में कोई और विकेटकीपर भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर सका। धोनी चले गए, लेकिन एक विकेटकीपर का इंतजार फिर भी इंतजार ही रह गया। धोनी इंटरनेशनल में तो ऋद्धिमान साहा ने घरेलू क्रिकेट में इस खिलाड़ी का रास्ता रोका जबकि ये खिलाड़ी लगातार अपनी प्रतिभा दिखा रहा। इस खिलाड़ी का नाम है श्रीवत्स गोस्वामी।
श्रीवत्स साल 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में विश्व कप जीतने वाली भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने 51 रनों की पारी खेली थी। इस मैच में वह विराट कोहली से आगे रहे थे जिन्होंने 43 रन बनाए थे। गोस्वामी की ये पारी भारत को फाइनल में ले जाने के लिए अहम थी और फिर भारत विश्व विजेता बना था।
लगातार किया प्रभावित
गोस्वामी ने अपनी प्रतिभा का जलवा दिखा दिया था। नतीजा ये रहा कि वह आईपीएल के पहले सीजन में कोहली के साथ ही आरसीबी में चुने गए और इस सीजन के बेस्ट अंडर-19 प्लेयर का खिताब भी उन्हें ही मिला। इस अवॉर्ड को अब आईपीएल में इमरजिंग प्लेयर अवॉर्ड के नाम से जाना जाता है। आईपीएल में गोस्वामी को नाम दिया था, लेकिन वो मुकाम नहीं जिसके सपने उन्होंने देखे थे। वह टीम इंडिया के लिए खेलना चाहते थे, लेकिन उस समय एमएस धोनी टीम के कप्तान थे जिन्हें रिप्लेस नहीं किया जा सकता था।
हालांकि, वह अपना काम कर रहे थे। विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने बंगाल के लिए साल 2009-10 में 568 रन ठोक जिसमें तीन शतक और एक अर्धशतक शामिल है। फाइनल में तमिलनाडु के खिलाफ उन्होंने 81 रन बनाए और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। लेकिन उन्हें इंडिया-ए टीम में भी जगह नहीं मिल रही थी।
साहा ने खड़ी की मुश्किल
इंटरनेशनल क्रिकेट में धोनी से पार पाना तो उनके लिए मुश्किल हो गया था, वहीं घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेलना भी गोस्वामी के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा था। इसकी वजह थे ऋद्धिमान साहा। साहा को बंगाल की टीम का मेन विकेटकीपर माना गया और गोस्वामी बैकअप बनकर रह गए। बाद में जब साहा, धोनी के जाने के बाद टेस्ट टीम में पहुंचे तो जरूर गोस्वामी को मौके मिले, लेकिन टीम इंडिया का सपना सपना ही रह गया। 2023 में उन्होंने संन्यास का एलान कर दिया।
ऐसा रहा करियर
गोस्वामी ने अपने करियर की शुरुआत तो अच्छी की थी, लेकिन फिर निरंतरता में कमी उनकी परेशानी बनी। यही एक कारण रहा कि वह सेलेक्टर्स की नजरों में ज्यादा दिन टिक नहीं पाए। बाएं हाथ के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 61 फर्स्ट क्लास मैचों में 32.46 की औसत से 3019 रन बनाए। उनके बल्ले से चार शतक और 17 अर्धशतक निकले। लिस्ट-ए में उन्होंने 97 मैचों में 37.45 की औसत से 3371 रन बनाए। यहां उन्होंने छह शतक और 18 अर्धशतक जमाए। गोस्वामी ने 111 टी20 मैच खेले जिनमें 2437 रन बनाए।
आईपीएल में गोस्वामी आरसीबी, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों के लिए भी खेले।
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