IPL की वजह से परेशान हुआ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, PSL को लेकर बड़ा बदलाव करने की तैयारी में PCB
आईपीएल से टकराव के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीएसएल के शेड्यूल में बदलाव पर विचार कर रहा है। खिलाड़ियों की ...और पढ़ें

पीएसएल-आईपीएल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से दो सीजन टकराने के बाद पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) हार मानता हुआ दिखाई दे रहा है। दरअसल, 2025 और 2026 के सीजन में आईपीएल और पीएसएल साथ में हुआ था। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अपनी लीग को अलग विंडो में कराने पर विचार कर रहा है। इसके लिए पीसीबी ने बैठक भी की है और लीग को दूसरे विंडो में कराया जा सकता है।
पीएसएल पहले जनवरी में खेला जाता था लेकिन 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में टी20 वर्ल्ड कप की वजह से पीसीबी को अपना विंडो बदलना पड़ा था। इसकी वजह से टूर्नामेंट का आईपीएल के साथ टकराव हुआ था। इससे खिलाड़ियों की उपब्धता को लेकर दिक्कतें सामने आई गई थी। इसके अलावा विज्ञापन की कमी भी बड़ी समस्या थी। ऐसे में अब पीसीबी इसमें बदलाव कर सकता है।
PSL को दूसरी विंडो में कराने पर विचार
क्रिकइंफो की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी और आठों फ्रेंचाइजियों के साथ 1 सितंबर को लंदन में बैठक हुई है। इसमें पीएसएल के विंडो में बदलाव करने की बात कही गई है। ये सुझाव वली टेक्नोलॉजी की तरफ से आया है, जिनके पास लीग के लाइव टेलीकास्ट और स्ट्रीमिंग के अधिकार हैं। बोर्ड के सामने सबसे बड़ी चिंता विज्ञापन को लेकर है क्योंकि ये ऐसे समय में पड़ता है, जब रमजान बीत चुका होता है। इससे कंपनियां अपने विज्ञापन का बड़ा हिस्सा पहले ही खर्च कर चुकी होती हैं।
इस वजह से पीएसएल को अधिक विज्ञापन नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में फ्रेंचाइजियां भी चाहती हैं कि टूर्नामेंट जनवरी में कराया जाए। इसके अलावा प्रसारण के राजस्व को लेकर भी मतभेद हैं। इन सभी समस्याओं का हल करने के लिए फ्रेंचाइजियां भी चाहती हैं कि पीएसएल को पहले कराया जाए, जिससे इसका आईपीएल से टकराव नहीं होगा।
आईपीएल से टकराव की वजह से नहीं पड़ा अधिक असर
इस बात के बहुत ही कम सबूत हैं कि आईपीएस के साथ टकराव की वजह से पीएसएल की व्यूअरशिप में कमी आई है। पीएसएल 2025 ने पाकिस्तान में 3.4 अरब लाइव स्ट्रीमिंग व्यूज दिए, जो पिछले संस्करण के 455 मिलियन से बहुत अधिक है। इसके अलावा 2026 में और भी मजबूत आंकड़े दर्ज किए गए।
