पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कब्जे में लिए कुछ खिलाड़ियों के फोन, पाकिस्तानी न्यूज चैनल का बड़ा दावा
इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट सीरीज के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में एक और बड़ा विवाद सामने आया है।
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। इंग्लैंड के विरुद्ध टेस्ट सीरीज के बीच पाकिस्तान क्रिकेट में एक और बड़ा विवाद सामने आया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पुरुष टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। पाकिस्तानी न्यूज चैनल 365 न्यूज के अनुसार बोर्ड किसी मामले की जांच कर रहा है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जांच किस विषय को लेकर हो रही है।
पीसीबी और आईसीसी को विशेष परिस्थितियों में खिलाड़ियों के फोन जब्त करने का अधिकार है। आमतौर पर ऐसा भ्रष्टाचार विरोधी जांच के दौरान किया जाता है, जिसमें फोन से डाटा निकालकर डिलीट किए गए संदेशों या सट्टेबाजों से संभावित संपर्क की जांच की जाती है।
हालांकि, रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने की पुष्टि नहीं की गई है। आईसीसी के नियमों के तहत जांच में सहयोग करना जरूरी है और फोन देने से इन्कार करना भी अपराध माना जा सकता है। नियमित मैचों में भी खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के निजी फोन ड्रेसिंग रूम या डगआउट में ले जाने पर पाबंदी रहती है। केवल टीम डॉक्टर या मैनेजर जैसे कुछ अधिकृत लोगों को आपात स्थिति में फोन रखने की अनुमति होती है।
यह घटनाक्रम पाकिस्तान की टेस्ट टीम में बड़े बदलाव के बाद सामने आया है। पहले दो टेस्ट में करारी हार के बाद इमाम-उल-हक, मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा, अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, आमिर जमाल और मोहम्मद अवैस जफर को टीम से बाहर कर दिया गया।
रिपोर्ट में इमाम की पिंडली की चोट पर भी पीसीबी के शक और जांच का जिक्र है। वहीं, रिजवान पर ड्रेसिंग रूम में कथित प्रभाव को लेकर बोर्ड की नाराजगी की बात सामने आई है। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी वापस भेज दिया गया, जबकि अंतिम टेस्ट के लिए सफेद गेंद के कोच माइक हेसन को जिम्मेदारी दी गई है।
