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    Cricket Tales: एक ओवर में बने 77 रन... ये सपना नहीं हकीकत है, वो मैच जब बदल गया था क्रिकेट का इतिहास

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 04:03 PM (IST)

    क्रिकेट इतिहास में एक गेंदबाज ने इतना महंगा ओवर फेंका था कि आज भी उसकी कोई बराबरी नहीं कर सका और न ही करना चाहेगा। ...और पढ़ें

    क्रिकेट इतिहास का सबसे महंगा ओवर

    क्रिकेट इतिहास का सबसे महंगा ओवर

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    स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट मैच में एक ओवर में ज्यादा से ज्यादा कितने रन बन सकते हैं? आम जवाब होगा 36 रन। यानी छह गेंदों पर छह छक्के जो कई बार लग चुके हैं, लेकिन ये इस सवाल का जवाब है ही नहीं। 36 रन से ज्यादा भी एक ओवर में रन बने हैं और इतने रन बने हैं कि बल्लेबाज ने अपना अर्धशतक तक पूरा कर लिया। बताते हैं आपको ये रोचक किस्सा।

    ये मैच खेला गया था साल 1990 में न्यूजीलैंड में। हालांकि, ये कोई इंटरनेशनल मैच नहीं था बल्कि फर्स्ट क्लास मैच था। इसी मैच में गेंदबाज ने एक ओवर में 77 रन दे दिए थे। हैरान मत होइए ये हकीकत है कोई सपना नहीं। क्रिकेट इतिहास में इसे सबसे महंगे ओवर के तौर पर जाना जाता है।

    इस गेंदबाज के नाम हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड

    ये काम किया था न्यूजीलैंड के लिए सिर्फ चार टेस्ट मैच खेलने वाले बर्ट वेंस ने। 20 फरवरी को वेलिंग्टन का मुकाबला कैंटरबरी से था। कैंटरबरी को जीत के लिए दो ओवरों में 95 रनों की जरूरत थी। इस नाजुक मोड पर वेंस ने 22 गेंदों का ओवर फेंका था। जिसमें 17 तो नौ बॉल थीं। इसमें एक और दिलचस्प बात है। वो ये कि इस ओवर में सिर्फ पांच ही लीगल गेंदें फेंकी गई थीं जबकि ओवर छह गेंदों का होता है।

    शेल ट्रॉफी में खेला गया ये मैच आखिरी दौर का आखिरी मैच था। वेलिंग्टन ने कैंटरबरी के खिलाफ अपनी जीत सुनिश्चित कर ही ली थी। वेलिंग्टन ने आखिरी दिन सुबह के पहले सत्र में पारी घोषित कर दी और कैंटरबरी को 59 ओवरों में 291 रनों का टारगेट दिया। कैंटरबरी की हालत खराब हो गई और उसका स्कोर एक समय आठ विकेट पर 108 रन था।

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    खुद के ही जाल में फंसे

    यहां जीत वेलिंग्टन के खाते में आसानी से जाती दिख रही थी। तभी विकेटकीपर-बल्लेबाज ली जर्मन और नंबर-10 पर बल्लेबाजी करने आए रोजर फोर्ड ने विकेट पर पैरा जमा लिए। दोनों वेलिंग्टन से जीत को दूर ले जाने लगे। लगा रहा था कि दोनों मैच ड्रॉ करा देंगे। यहां वेलिंग्टन के कप्तान ने एक गेम खेला। इन्होंने वेंस को बुलाया और एक योजना अपनाई। योजना थी कि कुछ फ्री रन देकर बल्लेबाजों को लालच दिया जाए ताकि वह जीत को करीब पाता देख बड़ा शॉट खेलें और आउट हो जाएं। वेंस इसके लिए तैयार हो गए।

    कैंटरबरी का स्कोर आठ विकेट पर 196 रन था। जर्मन 75 रनों पर नाबाद थे। वेंस गेंदबाजी करने आए और उन्होंने लगातार वाइड-नो बॉल फेंकी। शुरुआती 17 गेंदों में से उनकी सिर्फ एक ही गेंद सही गेंद थी। वेंस ने फुलटॉस पर फुलटॉस गेंदें फेंकी और जर्मन ने लगातार पांच छक्के मार दिए। वेंस जब पूरा ओवर फेंककर गए तो जर्मन ने आठ छक्कों और पांच चौकों की मदद से कुल 72 रन जोड़े चुके थे। दो गेंदें फोर्ड ने खेलीं और बाकी के पांच रन बनाए।

    इस ओवर में अंपायर भी गिनती करना भूल गए और इसी कारण इस ओवर में सिर्फ पांच ही लीगल गेंदें फेंकी गईं। हालांकि, केंटरबरी को फिर भी जीत नहीं मिली और ये मैच टाई रहा। आखिरी ओवर में उसे जीतने के लिए 18 रन चाहिए थे। जर्मन ने शुरुआती पांच गेंदों पर 17 रन बना लिए। आखिरी गेंद फोर्ड ने खेली। उन्हें पता नहीं था कि स्कोर बराबर हो गया है और उन्होंने गेंद खेली खेल दी। यहां मैच टाई हो गया।

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