क्रिकेट इतिहास का सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड! 77 गेंदों तक पिच पर डटा रहा बल्लेबाज, फिर वो हुआ; जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की
क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसे शर्मनाक रिकॉर्ड बने हैं, जो कोई बल्लेबाज कभी अपने नाम नहीं करना चाहेगा। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने ऐसा अनचाहा रिकॉर्ड अपने ...और पढ़ें

क्रिकेट इतिहास का सबसे 'शर्मनाक' रिकॉर्ड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट में जब बल्लेबाज मैदान में आता है, तो उसका सबसे पहला ध्यान अपना खाता खोलने पर होता है। बैटर कम से कम एक रन बनाना चाहता है क्योंकि वो अपने नाम पर डक का रिकॉर्ड दर्ज नहीं कराना चाहता है। कई बैटर्स पहली गेंद पर आउट हो जाते हैं, जो उनके लिए काफी शर्मनाक होता है। इसी वजह से बल्लेबाज पहली ही गेंद को खेलते समय अपना खाता खोलना चाहते हैं।
अगर बल्लेबाज पहली गेंद पर खाता नहीं खोल पाता है, तो वो जल्द से जल्द बस पहला रन बनाना चाहता है। हालांकि, क्रिकेट के इतिहास में एक बार ऐसा भी हुआ, जब बैटर ने 77 गेंदें खेली लेकिन अपना खाता नहीं खोल सका। इसे क्रिकेट का सबसे धीमा डक भी कहा जाता है। कोई भी बल्लेबाज अब तक इतनी गेंदें खेलकर जीरो पर आउट नहीं हुआ है और कोई इस रिकॉर्ड को भी अपने नाम नहीं करना चाहेगा।
ज्योफ अलॉट के नाम पर दर्ज है शर्मनाक रिकॉर्ड
न्यूजीलैंड के क्रिकेटर ज्योफ अलॉट के नाम पर क्रिकेट के इतिहास में सबसे धीमा शतक बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है। दरअसल, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच 1999 में ऑकलैंड में टेस्ट मैच खेला जा रहा था। मुकाबले में अलॉट 11वें नंबर पर बैटिंग करने के लिए उतरे थे। उन्होंने घंटो बल्लेबाजी की और 77 गेंदें खेली लेकिन अपना खाता नहीं खोल सके। उन्होंने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों को पूरी तरह से थका दिया था।
अलॉट भले ही खाता नहीं खोल सके और आउट हो गए लेकिन इससे टीम को फायदा मिला था। कीवी टीम ने उस मैच को ड्रॉ कर लिया था। मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 621 रन बनाए थे। कीवी टीम पहली पारी में 352 रनों पर सिमट गई थी। प्रोटियाज ने फॉलोऑन दे दिया लेकिन न्यूजीलैंड ने 3 विकेट के नुकसान पर 244 रन बनाए, इससे मैच ड्रॉ हो गया।
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ज्योफ अलॉट का करियर
ज्योफ अलॉट के करियर की बात करें, तो उन्होंने कीवी टीम के लिए 10 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 19 विकेट अपने नाम किए। इसके अलावा 31 वनडे मैचों में खेलते हुए 52 विकेट अपने नाम किए। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने बल्ले से 27 रन बनाए।