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'टेस्ट हारने के लिए एक पल की बेवकूफी काफी है', ऋषभ पंत के शॉट सेलेक्शन पर बुरी तरह भड़के अश्विन

Published: Fri, 28 Aug 2026 07:35 PM (IST)

रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज के दौरान ऋषभ पंत के शॉट चुनने और फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए हैं।

रविचंद्रन अश्विन और ऋषभ पंत

रविचंद्रन अश्विन और ऋषभ पंत

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स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज के दौरान ऋषभ पंत के शॉट चुनने और फैसले लेने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभी तक उन उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं जो उन्होंने खुद से लगाई हैं।

दो टेस्ट मैचों की सीरीज में भारतीय टीम मैनेजमेंट के भरोसे पर उतरे पंत ने कुल 168 रन बनाए। इसमें दो अर्धशतक भी शामिल थे। हालांकि, उनके आक्रामक अंदाज पर सवाल उठते रहे। अश्विन का मानना है कि पंत का स्वाभाविक आक्रामक खेल, हालात के हिसाब से फैसले लेने की जरूरत की कीमत पर नहीं होना चाहिए।

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "ऋषभ पंत से मेरी उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। मुझे बहुत अफसोस है। सोनल दिनुशा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था। फर्क ज्‍यादा जोखिम वाले ऑप्‍शन का है। जब खेल आपके हाथ में हो तो ये सब बातें मायने रखती हैं कि 'ऋषभ ऐसे ही खेलते हैं।' असल बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।"

 

 

पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायर हुए अश्विन ने इस बात पर जोर दिया कि टेस्ट मैच एक ही खराब फैसले से पलट सकते हैं। उन्होंने कहा, सिडनी और ब्रिस्बेन में ऋषभ ने शानदार पारी खेली, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे। टेस्ट मैच खेलने और उसे खेल के आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटरों की जरूरत होती है, लेकिन टेस्ट हारने के लिए बस एक पल की बेवकूफी ही काफी है।

अश्विन ने पंत की तुलना वीरेंद्र सहवाग और एडम गिलक्रिस्ट से करने को भी गलत बताया। दोनों ही अपने आक्रामक टेस्ट क्रिकेट के लिए जाने जाते थे। उन्‍होंने कहा, सहवाग और गिलक्रिस्ट आक्रामक क्रिकेट खेलते थे, लेकिन वे तब मार्को जानसेन के खिलाफ आगे बढ़कर शॉट खेलने की कोशिश में आउट नहीं होते थे, जब आपकी टीम 500 रन पीछे हो। ऐसी मार्केटिंग वाली बातें मेरे सामने कभी मत करना।

अश्विन ने इस बात से असहमति जताई कि पंत को इसलिए खास समर्थन मिलना चाहिए क्योंकि वह एक पीढ़ी में एक बार आने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने यशस्वी जायसवाल का उदाहरण दिया, जो एक और युवा भारतीय बल्लेबाज हैं और जिन पर भी वैसा ही भरोसा किया जाना चाहिए।

अश्विन ने कहा, "ऋषभ, मैं बस इतना कह रहा हूं कि वह अनुभवी हैं; उन्होंने 50 से ज्‍यादा टेस्ट मैच खेले हैं। उन्हें जिम्मेदारी लेनी होगी।" अश्विन ने कहा, "मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ बहुत पसंद हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पंत को यह सीखना होगा कि कब आक्रामक खेलना है और कब हालात के हिसाब से संयम बरतना है।

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