मिस्बाह उल हक ने इस्तीफा देने के बाद खोली PCB की पोल, लोकल कोचेस के साथ भेदभाव का लगाया आरोप
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच और कप्तान मिस्बाह उल हक ने हाल ही में सेलेक्टर के पद से भी ...और पढ़ें

मिस्बाह उल हक ने खेली पीसीबी की पोल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम में आए दिन नए विवाद जन्म ले रहे हैं। इंग्लैंड में मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आनन-फानन में कई फैसले किए। इस बीच सेलेक्टर मिस्बाह उल हक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और अब एक बम भी फोड़ दिया है। उन्होंने अपने बोर्ड के भेदभाव वाले रवैये को उजागर कर दिया है।
इंग्लैंड दौरे पर लॉर्ड्स टेस्ट में मिली हार के बाद पीसीबी ने सात खिलाड़ियों को बाहर कर दिया था। वहीं टेस्ट टीम के कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी हटा दिया था। साथ ही सेलेक्टर्स को भी नोटिस दिया था जिसके बाद मिस्बाह ने इस्तीफा दे दिया।
होता है भेदभाव
इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह ने कहा है कि पीसीबी स्थानीय कोचेस और विदेशी कोचेस में भेदभाव करता है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया है कि पीसीबी विदेशी कोचेस को ज्यादा तवज्जो देता है और स्थानीय कोचेस को कटघरे में ज्यादा खड़ा करता है। उन्होंने कहा, "ये सच बात है कि लोकल और विदेशी कोचेस को पाकिस्तानी क्रिकेट में अलग तरह से देखा जाता है। लोकल कोचेस को विदेशी कोचेस की तुलना में ज्यादा जांच और आलोचना का सामना करना पड़ता है।"
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि विदेशी कोचेज में कोई खराबी है, लेकिन मुझे जो चीज मुझे परेशान करती है वो विदेशी कोचेज को लेकर नरम रुख।"
मिलते हैं ज्यादा अधिकार
मिस्बाह ने कहा कि विदेशी कोचेस को पाकिस्तानी कोचेस की तुलना में ज्यादा अधिकार और ताकत मिलती है। उन्होंने कहा, "हम विदेशी कोचेस से ज्यादा अधिकार और ताकत देते हैं और अगर टीम खराब प्रदर्शन करे तो उसे कम दोषी ठहराया जाता है। वहीं स्थानीय कोचेस को ज्यादा जांच-पड़ताल का सामना करना पड़ता है।"
