चोट से जूझ रहे खिलाड़ियों के लिए BCCI बनाएगा रोडमैप, सचिव देवजीत सैकिया ने बताई टीम इंडिया की सबसे बड़ी टेंशन
बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की चोटों और विदेशी दौरों पर खराब प्रदर्शन को देखते हुए नई रणनीति बनाने का फैसला किया ...और पढ़ें

देवजीत सैकिया (फोटो: असम क्रिकेट एसोसिएशन)

समय कम है?
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जागरण न्यूज नेटवर्क, मुंबई। भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के लगातार चोटों से जूझने और विदेशी दौरों में सीमित ओवरों में खराब प्रदर्शन के बीच भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों के विश्राम, विदेशी परिस्थितियों में ढलने और अभ्यास मैचों को लेकर नई रणनीति बनाने का फैसला किया है।
मुंबई में गुरुवार को बीसीसीआई की रिव्यू बैठक के बाद सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड ये सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगा कि सेना देश (दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड) में किसी बड़ी सीरीज से पहले भारतीय खिलाड़ियों को पूरा आराम, परिस्थितियों के अनुकूल ढलने का समय और अभ्यास मैच मिल सकें। दैनिक जागरण ने दो दिन पहले ही बताया था कि इस बैठक में खिलाड़ियों की चोट चर्चा का अहम मुद्दा होगी।
देवजीत सैकिया ने खिलाड़ियों की चोट पर जताई चिंता
सैकिया ने कहा कि भारतीय क्रिकेट में चोटों के प्रबंधन को लेकर किसी तरह की संवादहीनता नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि एक साल में मैचों की संख्या बहुत ज्यादा रही है इसलिए अगले भविष्य दौरा कार्यक्रम (एफटीपी) में खिलाड़ियों की तैयारी के लिए बेहतर समय सुनिश्चित करने के उपाय किए जाएंगे।
सैकिया ने कहा कि हर कोई एक ही दिशा में है। बीसीसीआई एक अच्छी तरह से चलने वाली मशीन की तरह काम कर रहा है। महिला टीम की समितियों और तकनीकी स्टाफ से लेकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई), भारतीय पुरुष टीम के कोचिंग स्टाफ और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच समन्वय है और काम सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मैचों की अधिकता चुनौती
सैकिया ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती एक साल में होने वाले मैचों की अधिक संख्या है। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एफटीपी को लेकर होने वाली बैठकों में बीसीसीआई अपने प्रतिनिधियों से ऐसा कार्यक्रम तैयार करने को कहेगा, जिसमें सेना देशों की बड़ी सीरीज से पहले खिलाड़ियों को आराम के साथ-साथ अनुकूलन और कुछ अभ्यास या मैत्री मैचों का मौका मिले।
इंग्लैंड और आयरलैंड में प्रदर्शन की भी समीक्षा
बैठक में भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल, टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर, मुख्य कोच गौतम गंभीर, सीओई के क्रिकेट निदेशक वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई के अधिकारी शामिल हुए। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर बैठक में शामिल नहीं हुए। वह निजी कारणों से इस बैठक में भाग नहीं ले पाए।
सैकिया ने कहा कि बैठक में इंग्लैंड और आयरलैंड में टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ अगले एक साल की योजनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 2027 वनडे विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन के लिए रोडमैप तैयार किया गया है और इसके लिए कुछ विशेष अभ्यास किए जाएंगे। भारत को आयरलैंड के विरुद्ध दो मैचों की टी-20 सीरीज में 0-2 से हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद इंग्लैंड में टीम टी20 सीरीज 1-4 से हार गई, जबकि तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत को 1-2 से शिकस्त मिली।
सैकिया ने माना कि सीमित ओवरों के इन दौरों पर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और टीम को इसके कारणों पर आत्ममंथन करना होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में सेना देशों के दौरों से पहले क्या किया जाना चाहिए, इसकी रणनीति तैयार कर ली गई है।
रिटर्न टू प्ले पर कप्तानों व गंभीर से लिया फीडबैक
सैकिया ने बताया कि बैठक में खिलाड़ियों के रिटर्न टू प्ले (आरटीपी) से जुड़े नियमों और प्रोटोकाल की भी समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि चर्चा किसी एक खिलाड़ी को लेकर नहीं, बल्कि प्रत्येक खिलाड़ी के फिटनेस स्तर और टीम के हित को ध्यान में रखकर हुई।
उन्होंने कहा कि कप्तानों और मुख्य कोच से फीडबैक लिया गया है, क्योंकि वे टीम की जरूरतों और मैदान पर आने वाली समस्याओं की जानकारी देने के लिए सबसे उपयुक्त लोग हैं। इसी फीडबैक के आधार पर ऐसी रणनीति तैयार की जाएगी जिससे मैचों के दौरान इस तरह की अवांछित परिस्थितियों से बचा जा सके।
सीईओ में खेल विज्ञान प्रमुख का पद खाली, फिर भी काम जारी
सैकिया ने चोटों को भारतीय क्रिकेट के लिए चिंता का विषय बताते हुए कहा कि भारतीय टीम और सीओई के बीच संवाद या समन्वय की कोई समस्या नहीं है। उनकी चिंता खिलाड़ियों को बार-बार होने वाली चोटों को लेकर है और इसे रोकने के लिए कुछ नए उपाय करने होंगे। सीओई में खेल विज्ञान एवं चिकित्सा विभाग के प्रमुख का पद खाली होने पर सैकिया ने कहा कि इससे केंद्र की गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि फिटनेस और रिहैब सुविधाओं को संभालने के लिए करीब 16 लोग मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने माना कि इस पूरे विभाग की निगरानी के लिए एक बेहद योग्य व्यक्ति की जरूरत है। बोर्ड ऐसे व्यक्ति की तलाश जल्द पूरी करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फिलहाल उस पद के खाली होने के बावजूद सीओई का काम सही तरीके से चल रहा है।
