अमित जोगी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सोमवार को होगी सुनवाई; रामअवतार जग्गी हत्याकांड से जुड़ा है मामला
अमित जोगी ने रामअवतार जग्गी हत्याकांड को हाई कोर्ट में रीओपन करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को एसएलपी के जरिए चुनौती दी है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होग ...और पढ़ें

अमित जोगी की सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिए चुनौती दी। (फोटो- ANI)
HighLights
अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
हाई कोर्ट ने जोगी को दोषी ठहराया, समर्पण का आदेश।
रामअवतार जग्गी हत्याकांड 2003 में रायपुर में हुआ था।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी हत्याकांड केस को हाई कोर्ट में रीओपन करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमित जोगी ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के जरिए चुनौती दी है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने गुरुवार को ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद करते हुए प्रमुख आरोपित अमित जोगी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर समर्पण करने का आदेश दिया है।
रायपुर में चार जून 2003 को रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा था। सीबीआई की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्याकांड के पीछे एक गहरी साजिश थी, जिसमें भाड़े के शूटरों का इस्तेमाल किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि उस समय के कुछ पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य को छुपाने और असली आरोपितों को बचाने के लिए झूठे गवाह और फर्जी आरोपित तैयार किए थे।
वर्ष 2007 में विशेष अदालत ने तीन पुलिस अधिकारियों को भी दोषी ठहराया था। ट्रायल कोर्ट ने 28 आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन साक्ष्यों की कमी का हवाला देते हुए अमित जोगी को हत्याकांड से बरी कर दिया था।