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Wipro Share Target: 10% लुढ़क सकता है विप्रो का शेयर, जेपी मॉर्गन ने दी चेतावनी; आपके पास है क्या?

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:16 AM (IST)

जेपी मॉर्गन ने विप्रो के शेयर पर 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹155 का लक्ष्य दिया है, जो मौजूदा कीमत ...और पढ़ें

विप्रो के शेयर में आ सकती है गिरावट

विप्रो के शेयर में आ सकती है गिरावट

HighLights

  1. जेपी मॉर्गन ने विप्रो पर 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखी

  2. विप्रो के शेयर का लक्ष्य मूल्य ₹155 प्रति शेयर

  3. AI प्रभाव और वेंडर बदलाव से प्रदर्शन प्रभावित

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार 8 सितंबर को विप्रो लिमिटेड के शेयर (Wipro Share Price Today) पर निवेशकों की नजर रहेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने इस IT सर्विस कंपनी के लिए ₹155 प्रति शेयर के प्राइस टार्गेट के साथ अपनी 'अंडरवेट' रेटिंग बरकरार रखी है। इस टार्गेट का मतलब है कि सोमवार को विप्रो के ₹173.06 के क्लोजिंग प्राइस से इसमें 10.43% की गिरावट आ सकती है।
बता दें कि साल की शुरुआत से अब तक विप्रो के शेयर में 35% की गिरावट आई है।

क्यों है गिरावट का अनुमान?

कंपनियां अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ प्रयोग करने के बजाय निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर ध्यान दे रही हैं और इन्हें AI अपनाने से प्रोडक्टिविटी में 25%-35% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। विप्रो का कहना है कि प्रोडक्टिविटी में होने वाला यह बड़ा फायदा AI को पिछली टेक्नोलॉजी में हुए बदलावों से अलग बनाता है।
कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल पर AI की वजह से कीमतों में कमी (डिफ्लेशन) का असर पिछले चार से छह क्वार्टर से दिख रहा है। विप्रो का अनुमान है कि यह ट्रेंड अगले चार से छह क्वार्टर तक जारी रहेगा क्योंकि कंपनी अपने बड़े पोर्टफोलियो में इसे लागू कर रही है।

विप्रो के लिए ये है टेंशन

ओवरऑल मांग का माहौल मजबूत बना हुआ है, लेकिन वेंडर बदलने (वेंडर चर्न) और प्रोडक्टिविटी में बदलाव का असर विप्रो के नेट परफॉर्मेंस पर पड़ा है। विप्रो के पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा पहले ही वेंडर बदलने की प्रक्रिया से गुजर चुका है।
कंपनी को उम्मीद है कि अगले दो-तीन क्वार्टर में ग्रोथ फिर से बढ़ेगी, क्योंकि क्लाइंट्स का ध्यान लागत कम करने से हटकर रेवेन्यू बढ़ाने पर जा रहा है।

'ह्यूमन + एजेंट' डिलीवरी मॉडल

विप्रो का मानना है कि पारंपरिक लीनियर लेबर मॉडल से 'ह्यूमन + एजेंट' डिलीवरी मॉडल की ओर इंडस्ट्री-लेवल पर बदलाव, ग्रोथ में व्यापक रिकवरी के लिए बहुत जरूरी होगा। AI से मिलने वाले फायदे, फिक्स्ड-प्राइस कॉन्ट्रैक्ट्स में बेहतर प्रोडक्टिविटी, सामान्य और प्रशासनिक लागत को सही स्तर पर लाने और बेहतर यूटिलाइजेशन से विप्रो को अगले कुछ क्वार्टर में अपने 17%-17.5% मार्जिन बैंड में वापस आने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें [email protected] पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)