$100 के पास पहुंचा क्रूड, किन स्तरों से आएगी गिरावट; शेयर बाजार को कब मिलेगी राहत? एक्सपर्ट से समझें
शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है और 9 सितंबर को निफ्टी 23500 के नीचे फिसल गया। कच्चे तेल की ...और पढ़ें
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कच्चे तेल की कीमतें 99 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंची।
HighLights
निफ्टी 23500 के नीचे, बैंक निफ्टी भी फिसला।
कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब।
इंडिया VIX में उछाल, FIIs की बिकवाली से अनिश्चितता बढ़ी।
नई दिल्ली। शेयर बाजार (Share Market Fall) में गिरावट का सिलसिला लगातार जारी है और निफ्टी व बैंक निफ्टी (Nifty Bank) 9 सितंबर को फिर से फिसल गए। बेंचमार्क इंडेक्स Nifty ने 23500 का अहम स्तर भी तोड़ दिया तो निफ्टी बैंक 56531 पर कारोबार कर रहा है। 4 अगस्त से मार्केट में लगातार गिरावट हावी है और एक महीने से जारी यह मंदी कहां जाकर थमेगी। यह सवाल करोड़ों निवेशकों के मन में है। बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है, क्योंकि वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड (Crude Prices) की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुच गई हैं।
क्या और बढ़ेंगी क्रूड की कीमतें?
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का यह प्रमुख कारण है। ब्रेंट क्रूड 1.44 प्रतिशत बढ़कर 99.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। ऐसे में तेल की बढ़ती कीमतों से भारत का व्यापार घाटा बढ़ने, महंगाई बढ़ने और आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ने का खतरा है, जिसके चलते निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। सवाल है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट कब आएगी?
कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट, "अनुज गुप्ता ने कहा कि टेक्निकली, कच्चे तेल की कीमतें 'ओवरबॉट ज़ोन' में ट्रेड कर रही हैं, जबकि फंडामेंटल सप्लाई में रुकावट के कारण कीमतों में अभी भी मज़बूती का संकेत दे रहे हैं। ब्रेंट के लिए $105 से $110 के लेवल पर मज़बूत रेजिस्टेंस पॉइंट है, जहाँ से कीमतों में प्रॉफिट बुकिंग देखी जा सकती है यानी टेक्निकली, हमें इन लेवल से प्रॉफिट बुकिंग की उम्मीद है।"
Nifty के लिए अहम लेवल
ग्लोबल कैपिटल के हेड ऑफ रिसर्च, गौरव शर्मा ने कहा, कच्चे तेल में तेजी, रुपये में कमजोरी और हायर यूएस बॉन्ड यील्ड के चलते बाजार में काफी दबाव है। इन कारणों के चलते निकट भविष्य में निफ्टी में 23200 के लेवल तक गिरने की संभावना बन गई है, जबकि 23800/24000 के लेवल तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेंगे।
गौरव शर्मा ने कहा कि ऐसे कमजोर हालात के बीच विदेशी निवेशक भारतीय इक्विटी से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। FIIs ने सितंबर में अब तक लगभग 12,600 करोड़ रुपये की बिकवाली की है, जिससे लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
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India VIX में लगातार उछाल
इंडिया VIX यानी वॉलेटिलिटी इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। बाजार की अस्थिरता को दिखाने वाले इस इंडेक्स में 5 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई और यह 11.72 पर पहुंच गया है। वोलैटिलिटी इंडेक्स (उतार-चढ़ाव का पैमाना) में बढ़ोतरी अनिश्चितता बढ़ने का संकेत देती है और इससे इक्विटी मार्केट में ज़्यादा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
